कार्य स्थल पर न बैरिकेडिंग ना कोई बोर्ड
सडक़ की इसी लेन में दूसरी समस्या ये रही कि इसी तरफ नगर निगम के ठेकेदार के द्वारा जो खुदाई का कार्य कराया जा रहा है और जो कंक्रीट करने का कार्य जा रहा था, इन दोनों कार्यों वाले हिस्से को कवर करने के लिए कोई बैरिकेडिंग तक नहीं की गई थी और न ही कार्य जारी रहने का कोई बोर्ड लगाया गया था। ऐसे में बिना बैरिकेडिंग के दोपहिया वाहन वाले बीच-बीच में खुदाई वाले जगह तक चले जा रहे थे। ऐसे में अगर लों कोई हादसा हो जाता तो फिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या संविदाकार को अव्यवस्था फैलाने का भी ठेका मिला है?
सवाल ये उठता है कि आखिर सड़क पर पाइप लाइन आदि जिन कारणों से भी नगर निगम के संविदाकार के द्वारा खोदाई आदि जो कार्य कराये जा रहे हैं, तो क्या उनको पूरा करने के लिए संविदाकार को सड़क पर अव्यवस्था फैलाने का भी ठेका दे दिया गया है? उक्त संविदाकार की मनमानी का यह कोई पहला अवसर नहीं है बल्कि इससे पहले भी वह सड़क के कार्य स्थलों पर
सड़क की बदहाली के कारण आए दिन लगता है जाम।
इस प्रकार की मनमानी व लापरवाही को जारी रखता रहा है। इसके बाद भी निगम की ओर से संविदाकार की मनमानियों पर न तो कोई नकेल कसी जा रही है और न ही उसे ऐसा करने से रोका जा रहा है। तभी तो संविदाकार भी निगम की अनदेखी का फायदा उठाकर शहरवासियों की सुरक्षा को दांव पर लगाकर मनमानी करने को उतारू रहता है।