सिंगरौली: सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन चितरंगी ब्लॉक का शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अजगुढ़ कई मामलों में अलग तस्वीर पेश करता नजर आया। शनिवार सुबह पत्रकारों की टीम विद्यालय पहुंची तो परिसर साफ-सुथरा मिला। विद्यालय के अलग-अलग कक्षों में शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाते नजर आए। बच्चों की पढ़ाई के प्रति शिक्षकों की रुचि और विद्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था ने सकारात्मक तस्वीर पेश की।
स्मार्ट क्लास में बड़ी-बड़ी LED, लेकिन बिजली के अभाव में बंद
विद्यालय परिसर में संचालित स्मार्ट क्लास का जायजा लिया गया तो कक्ष में बड़ी-बड़ी एलईडी टीवी लगी नजर आईं, लेकिन वे बंद थीं। स्मार्ट क्लास के संचालन को लेकर जब प्रधानाध्यापक परमानंद पनिका से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि देहात क्षेत्र में बिजली की समस्या बनी रहती है। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन नहीं हो पा रहा है और महंगे उपकरण फिलहाल शोपीस बने हुए हैं।
प्रधानाध्यापक ने कहा कि यदि विद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा की व्यवस्था कर दी जाए तो बिजली की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है और स्मार्ट क्लास के माध्यम से बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाया जा सकता है।
बारिश नहीं हुई, फिर भी स्मार्ट क्लास की छत से टपकता रहा पानी
स्मार्ट क्लास का निरीक्षण करने के दौरान एक और बड़ी समस्या सामने आई। कक्ष की छत से पानी टपक रहा था और छत में जगह-जगह सीपेज दिखाई दे रहा था। खास बात यह रही कि जिस समय टीम विद्यालय पहुंची, उस दिन बारिश नहीं हो रही थी। इसके बावजूद छत से बूंद-बूंद पानी टपकता मिला।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब बारिश नहीं होने पर भी छत से पानी टपक रहा है, तो बारिश के दिनों में स्मार्ट क्लास और बच्चों की स्थिति क्या होती होगी? कक्ष में बच्चों के आसपास पानी की बूंदें गिरती नजर आईं, जिससे भवन की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ जाती है।
शिक्षकों की मेहनत से बेहतर दिखा स्कूल का माहौल
विद्यालय में साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर नजर आई। शिक्षक-शिक्षिकाएं कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाते मिले और विद्यालय परिसर भी स्वच्छ था। बच्चों के संस्कार और शिक्षकों की रुचि को देखकर यह महसूस हुआ कि यदि विद्यालय को बेहतर भवन, नियमित बिजली और आधुनिक संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएं तो यहां की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सकती है।
सौर ऊर्जा और भवन सुधार से बदल सकती है तस्वीर
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अजगुढ़ में संसाधनों की कमी के बावजूद शिक्षक बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने का प्रयास करते दिखाई दिए। अब जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग विद्यालय की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दे।
यदि विद्यालय में सौर ऊर्जा की व्यवस्था के साथ भवन की छत और अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों को दुरुस्त कर दिया जाए, तो स्मार्ट क्लास का वास्तविक उपयोग हो सकेगा और विद्यार्थियों को आधुनिक एवं बेहतर शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
सवाल यही – संसाधन हैं तो उनका उपयोग कब होगा
विद्यालय में स्मार्ट क्लास के लिए एलईडी उपलब्ध हैं, शिक्षक पढ़ाने के लिए तैयार हैं और बच्चे सीखने के लिए उत्सुक हैं। कमी है तो सिर्फ नियमित बिजली और सुरक्षित भवन की। ऐसे में सवाल है कि जब सरकार ने स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध करा दी है, तो उसे संचालित करने के लिए सौर ऊर्जा और भवन की मरम्मत की व्यवस्था कब की जाएगी?