Holi Poems in Hindi: रंगो का त्यौहार यह, खेलो मिल जुल रंग… पढ़िए प्रेम और उत्साह से भरी मनमोहक होली की कविताएं

Holi Poems in Hindi: भारत में मनाया जाने वाला होली का त्योहार प्रेम, भाईचारे और खुशियों का प्रतीक माना जाता है। यह केवल रंग खेलने का पर्व नहीं है, बल्कि यह लोगों के दिलों को जोड़ने और आपसी रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी देता है। होली के दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और रंग-गुलाल लगाकर खुशियां बांटते हैं। इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें समाज के सभी वर्ग के लोग मिलकर उत्सव मनाते हैं।

होली से जुड़ी कई कविताएं और गीत इस त्योहार की सुंदरता और आध्यात्मिकता को दर्शाते हैं। ऐसी ही एक सुंदर कविता शिवांगी गुप्ता (Holi Poems Shivangi Gupta) द्वारा लिखी गई है, जो होली के असली अर्थ को बहुत सरल शब्दों में समझाती है।

होली पर कविता (Holi Poems in Hindi)

रंगो का त्यौहार यह,
खेलो मिल जुल रंग।
गले मिलो सब प्रेम से,
इक दूजे के संग।।

मन वृंदावन कीजिए,
खेलो राधा संग।।
बजे कृष्ण की बांसुरी,
नृत्य करे हर अंग।।

महिमा प्रभु के नाम की, बता गए प्रह्लाद।।
भस्म हो गई होलिका,
पाया भक्त आल्हाद।।

रहो नशे से दूर सब,
यही पतन का द्वार।
मिलकर खेले हम सभी,
करे रंग बौछार।।

यह कविता होली के धार्मिक और सामाजिक महत्व को उजागर करती है। इसमें भगवान के प्रति भक्ति, प्रेम और सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि होली जैसे पवित्र त्योहार को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर मनाना चाहिए।

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