Singrauli News :सिंगरौली जिले में सड़क सुरक्षा, वैधानिक परिवहन व्यवस्था और शासकीय राजस्व संरक्षण को लेकर परिवहन विभाग ने एक ऐतिहासिक और सख़्त कार्रवाई की है। झींगुरदा माइंस क्षेत्र में रोड सेफ्टी इनफोर्समेंट चेक पॉइंट यूनिट द्वारा की गई इस कार्रवाई में अवैध खनिज परिवहन के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। इस संयुक्त अभियान में नियमविरुद्ध खनिज परिवहन में संलिप्त 17 मालवाहक वाहनों को जप्त किया गया है।
यह कार्रवाई परिवहन विभाग की सतर्कता, स्थानीय नागरिकों की सजग सूचना और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से संभव हो सकी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल परिवहन नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सड़क सुरक्षा और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां भी सामने आई हैं।
रोड सेफ्टी चेक से शुरू हुई बड़ी कार्रवाई
दिनांक 16 दिसंबर को झींगुरदा माइंस क्षेत्र के पास एक बाइक और ट्रिप टेलर के बीच गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिवहन विभाग की रोड सेफ्टी इनफोर्समेंट चेक पॉइंट यूनिट तत्काल मौके पर पहुंची। विभाग ने रोड सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत घटनास्थल का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान सामने आया कि दुर्घटना के पीछे मुख्य कारण ओवरलोडिंग, असंतुलित वाहन संचालन और नियमविरुद्ध खनिज परिवहन था। इसी दौरान स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनिज परिवहन की जानकारी भी विभाग को दी। इस सूचना ने कार्रवाई को और व्यापक रूप दे दिया।
जांच में कानूनों की गंभीर अनदेखी उजागर
इसके बाद परिवहन विभाग ने क्षेत्र में चल रहे मालवाहक वाहनों की गहन जांच शुरू की। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अधिकांश वाहन—
- बिना वैध पंजीकरण के चल रहे थे
- बिना परमिट और फिटनेस प्रमाण-पत्र के संचालित थे
- बिना बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे थे
- निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक ओवरलोड थे
- कर अपवंचन और परिवहन नियमों के उल्लंघन में संलिप्त थे
यह स्थिति मोटरयान अधिनियम और सड़क सुरक्षा मानकों की खुली अवहेलना को दर्शाती है। कार्रवाई के दौरान कुछ चालकों ने शासकीय कार्य में सहयोग नहीं किया। कई चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि अवैध खनिज परिवहन लंबे समय से योजनाबद्ध और संगठित तरीके से संचालित हो रहा था।
स्थानीय सहयोग से 13 घंटे चला संयुक्त अभियान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिवहन विभाग ने तुरंत खनिज विभाग को सूचना दी। इसके बाद परिवहन विभाग, खनिज विभाग, स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक करीब 13 से 14 घंटे का सघन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 17 मालवाहक वाहनों को मौके पर ही जप्त किया गया। सभी जप्त वाहनों को थाना मोरबा में सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है।
परिवहन और खनिज कानूनों के तहत सख़्त कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जप्त वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत—
- बिना पंजीकरण
- बिना परमिट
- बिना फिटनेस
- बिना बीमा
- ओवरलोडिंग
- कर अपवंचन
जैसे गंभीर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। वहीं खनिज विभाग द्वारा खनिज (अवैध उत्खनन एवं परिवहन) नियमों के अंतर्गत अलग से वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरार चालकों की पहचान कर उनकी सूची पुलिस को सौंपी गई है। दुर्घटना प्रकरण की विधिसम्मत जांच भी जारी है।
डिजिटल प्रक्रिया पर विशेष फोकस
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में नियमविरुद्ध वाहनों के खिलाफ डिजिटल डिटेंन, ई-चालान, ई-रिकवरी और डिजिटल माध्यम से कर वसूली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य शासकीय राजस्व की क्षति को रोकना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
आगे और सख़्ती की चेतावनी
परिवहन विभाग ने झींगुरदा माइंस और आसपास के संवेदनशील मार्गों पर नियमित रोड सेफ्टी चेकिंग, मोबाइल पेट्रोलिंग, विशेष दस्तावेज सत्यापन अभियान और जिला स्तरीय टास्क फोर्स के माध्यम से सतत निगरानी के संकेत दिए हैं। बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों के परमिट निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई भी की जाएगी।
सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अवैध, ओवरलोड एवं बिना दस्तावेज संचालित वाहनों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।” साथ हि स्पष्ट संकेत दिये हैँ कि भविष्य में समस्त माइंस के अंदर- बाहर आस -पास चलने वाली नियमविरुद्ध मालवाहन को जप्त कर कराधान व मोटर यान अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही कि जाएगी |
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