Singrauli News: प्राइवेट एंबुलेंस, ई-रिक्शा व ऑटो की पार्किंग बन गया जिला अस्पताल का परिसर

Singrauli News: जिला अस्पताल परिसर प्राइवेट एंबुलेंस की पार्किंग बन गया है। शासकीय 108 एंबुलेंस को आने-जाने और खड़े होने की जगह भले न मिले, मगर प्राइवेट एंबुलेंस को हर समय ऑक्सीजन प्लांट के बगल में खड़े देखा जा सकता है, जबकि जिला अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस को खड़ा करने की मनाही है।

यदि वे मरीज लेकर आती हैं तो उन्हें उतारकर परिसर के बाहर खड़े होना है, लेकिन जिम्मेदारों के उदासीन रुख के कारण एंबुलेंस के अनदेखी पार्किंग का ठेका न होने के कारण धड़ल्ले से खड़े हो रहीं निजी एंबुलेंस, एक का जिला अस्पताल लिखवाकर संचालन, गार्ड बने रहते उदासीन चालक परिसर में कब्जा जमाकर खड़े रहते हैं। यही नहीं, मारुति ओमनी में संचालित एंबुलेंस पर जिला अस्पताल भी लिखवा लिया गया है। यानी मरीजों को बरगलाने का पूरा इंतजाम ऐसे एंबुलेंस के चालक करते हैं।

इतना ही नहीं, तीन दर्जन शासकीय 108 एंबुलेंस जननी एक्सप्रेस संचालित होने के बाद भी वार्डो में जाकर घर पहुंचाने के लिए मरीजों को फुसलाया है। ऑटो और एंबुलेंस चालक मरीजों के बीच कैसे पहुंच रहे इसे देखने वाला कोई नहीं है। सुरक्षा के लिए जो गार्ड लगाए गए हैं वे इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

ई-रिक्शा और ऑटो चालक परिसर में करते निजी अस्पतालों का प्रचार

जिला अस्पताल परिसर में कुछ ऐसे ई-रिक्शा और ऑटो भी मेन गेट की सीढ़ियों तक जमे रहते हैं। उनमें से कुछ में प्राइवेट अस्पतालों के प्रचार की बड़ी होर्डिंग में लगी रहती है। सुबह ओपीडी शुरू होने पर दोपहर 2 बजे तक ऐसे वाहन परिसर में खड़े रहते हैं। ओपीडी से मरीजों के निकलने के बाद उन्हें अच्छे उपचार का भरोसा देकर प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचा दिया जाता है। आर्थों और मैटरनिटी के मरीजों को ऐसे ई-रिक्शा व ऑटो के चालक एजेंट के रूप में निजी अस्पताल पहुंचाते हैं।

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