Singrauli News: एनसीएल से विस्थापित हो रहे परिवारों को चिन्हित किए गए आरएनआर कॉलोनियों में निर्धारित शर्त के अनुरूप संपूर्ण व्यवस्थाएं एवं विकास कार्यों को किया जाकर विस्थापितों को प्लॉट या आवास आवंटित करें, ताकि विस्थापितों की समस्याओं का समाधान हो सके।
उक्त आशय के निर्देश कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर गौरव बैनल के अध्यक्षता में आयोजित एनसीएल के प्रतिनिधियों के साथ विस्थापन से सम्बंधित बैठक के दौरान दिए गए। बैठक के दौरान एनसीएल के प्रतिनिधियों के द्वारा विस्थापन के संबंध में की जा रही कार्रवाही से कलेक्टर को अवगत कराया गया ।
उन्होंने अवगत कराया कि एनसीएल ब्लाक-बी क्षेत्रांतर्गत 44.50 हेक्टयर में आरएनआर कॉलोनी स्थापित किए जाने के लिए 1750 प्लांट चिन्हित किए गए हैं, उक्त कॉलोनी में पहुंच मार्ग व्यवस्था है तथा कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, शापिंग कॉम्पलेक्स तथा वाटर सप्लाई के प्रबंधन के लिए कार्य 20 मार्च प्रारंभ कर दिया जायेगा। साथ ही कलेक्टर ने इस आशय के भी सुझाव दिए कि निजी भूमि चिन्हित कर बड़े रियल एस्टेट कंपनी द्वारा आरएनआर कॉलोनी का विकास किया जा सकता है, ताकि सभी विस्थापितों को एक ही जगह पर सभी मूलभूत सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सके। टाउन प्लानिंग अंतर्गत प्राधिकरण के माध्यम से चिन्हित क्षेत्रो की भी प्लाटिंग की जाये, ताकि क्षेत्र के विकास के साथ प्राधिकरण की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने ने कहा कि चिन्हित किए गए साइटों के अलावा भी अन्य वैकल्पिक स्थानों की खोज भी करें।
आरएनआर कॉलोनी शहर के नजदीक हो बैठक में कलेक्टर ने इस आशय के निर्देश दिए कि विस्थापन की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ किया जाए । ताकि विस्थापन से सम्बंधित शर्तों के अनुरूप लाभ प्रदान किया जा सके। विस्थापित होने वाले परिवारों को समय पर उनके मुआवजे का भुगतान करें तथा विस्थापितों के लिए चिन्हित किए गए आरएनआर कॉलोनी में समुचित विकास कार्य किया जाकर विस्थापितों को आवास प्लॉट की सुविधा मुहैया कराएं। यह सुनिश्चित करें कि आरएनआर कॉलोनी शहर के नजदीक हो तथा पहुंच मार्ग उपलब्ध हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि विस्थापन प्रक्रिया संयोजित तरीके से किया जायें, ताकि क्षेत्र में किसी भी अवैध कॉलोनी निर्माण न हो सके।