Singrauli News: मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार जिले के अटल सामुदायिक भवन बिलौजी मे राज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती राधा सिंह के मुख्य अतिथि में एवं सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह, विधायक देवसर राजेन्द्र मेश्राम, कलेक्टर श्री गौरव बैनल, पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमें,नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष सुन्दर लाल शाह,जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती अर्चन सिंह के गरिमामय उपस्थिति में अटल सामुदायिक भवन बिलौजी में विक्रमोत्सव का आयोजनःसूर्य उपासना और ध्वज पूजन समारोह शुभारंभ मॉ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया।
इस अवसर उपस्थित जन समूह को संबोधित करती हुई राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह ने सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना देते हुयें कहा कि भारत के इतिहास में सम्राट विक्रमादित्य का नाम स्वर्ण अंक्षरो में लिखा गया है। सम्राट विक्रमादित्य पराक्रमी एवं न्यायप्रिय शासक थे। उनके नाम पर भी ही विक्रम संवत का प्रचलन हुआ जो आज भी भारतीय पंचाग का एक प्रमुख संवत है। राज्यमंत्री ने कहा कि संम्राट विक्रमादित्य के शासन की प्रसंशा केवल भारत में ही नही विदेशी ग्राथो में मिलती है। संम्राट विक्रमादित्य एक शासक ही नही अपितु भारतीय संस्कृति के प्रतीक थे।
भारत वर्ष में विक्रमादित्य युग परिर्वतन और नव जागरण की एक महत्वपूर्ण धूरी रहे है और उनके द्वारा प्रवर्तित विक्रम संवत हमारी मूल्यवान धरोहर है। राज्यमंत्री श्रीमती सिंह ने कहाकि उज्जैन में कर्क रेखा पर स्थित प्राचीन धर्मस्थल हजारो वर्षो से काल गणना का मुख्य केन्द्र रहा हैं। उन्होने कहा कि आज से प्रारंभ हो रहे जल गंगा संवर्धन अभियान में अपनी जन भागीदारी सुनिश्चित कर अभियान को सफल बनायें। सभी अभियान में जल संचाय एवं जल स्श्रोतो को सदानीरा बनाने की शपथ ले। उन्होने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधा रोपण का भी आह्वान किया।
वही विधायक सिंगरौली श्री शाह ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में अपनी हार्दिक शुभकामना देते हुऐं कहा कि आज भारत का नव वर्ष विक्रम संवत का शुभारंभ हो रहा हैं। नवरात्रि के पावन पर्व पर मै अपने देश प्रदेश एवं अपने जिले के विकास एवं समृद्धि की कामना करता हू। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सम्राट विक्रमादित्य से बढ़कर कोई और नही हो सकता जिसे लोग सहस्त्र्राब्दियो से सब एक मत से भारत का राष्ट्र नायक मानते रहे हैं। विक्रम युग की महिमा इस तथ्य से ज्ञात होती है कि भारत में महापुरूषो के अनुआयियों में श्रद्धावंश चलाए लेकिन आज भी भारत के साथ ही नेपाल का सर्वमान्य संवत विक्रम संवत ही है।उन्होंने कहा कि विक्रम संवत हमारे धार्मिक संस्कारो को दर्शाता है जीवन से लेकर मरण तक की सभी क्रियाओं का उल्लेख इसीसे निर्धारित किया जाता हैं विक्रम संवत से हमारे त्योहारो एवं विवाह की तिथिया भी निर्धारित की जाती है।
वही विधायक देवसर ने उपस्थित जन मानस को नूतन वर्ष की शुभकामना देते हुयें कहा कि यह दिन सांस्कृतिक पुनर्स्थापना का दिवस है। इस गौरवपूर्ण दिन को हम सबको पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाते हुए अपनी प्राचीन संस्कृति व विरासत से जुड़ना होगा। हमारी पुरातन काल की वेधशाला की गणना आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति भी से भी आगे है। विक्रम संवत की शुरूआत 57 ई.पूर्व हुई थी। यह भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण काल गणना तंत्र बन गया। जो आज भी प्रचलित है। इसी के आधार पर हमारे धार्मिक व सामाजिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
समारोह में एक्सट्रीम आर्ट एण्ड एजुकेशनल सोसायटी, सीधी के कलाकारो द्वारा सम्राट विक्रमादित्य केंद्रित नाट्य का मंचन किया गया। समारोह के अंत में उपस्थिति अतिथियो द्वारा कलाकरो को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार सविता यादव,अभिषेक यादव, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अरविंद डामोर,जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह, डीपीसी आर.एल शुक्ला, उपसंचालक उद्यानिकी एच.एल निमोरिया, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक राजकुमार विश्वकर्मा सहित अधिकारी कर्मचारी सहित आम जन मानस उपस्थित रहे।
Singrauli News: नगरीय क्षेत्र में सिंगरौली विधायक ने किया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ