इनके कारण जाम की समस्या और बढ़ गई
जाम के दौरान जब लोग काफी देर तक फंसे रहे और उससे जल्द निकलने के आसार नहीं दिख रहे थे तो कहीं पर चारपहिया वाहन वाले तो कहीं पर दोपहिया वाहन वाले अपने वाहन को बैक कर निकलने का प्रयास करते रहे। इस प्रयास में कोई सफल हो गया तो कोई असफल हुआ, लेकिन अपनी इस सहूलियत के चक्कर में इन लोगों ने मौके पर दूसरे वाहनों की आवाजाही में अवरोध खड़ा कर दिया और ऐसे हालातों के कारण छोटा सा जाम बड़ा बन गया। जाम से निकलने के चक्कर में कुछ वाहन की दूसरे वाहनों में टक्कर भी होती रही, जिससे विवाद के हालात बने रहे।
जाम में फंसे वाहनों की भीड़।
इस मार्ग में छत्रपति शिवाजी तिराहे से लेकर पेट्रोल पंप तक के एरिया में सड़क पर लोग छोटे-बड़े वाहनों को मनमाफिक ढंग से खड़ा कर देते हैं। जिससे सड़क की ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ती रहती है, लेकिन छत्रपति शिवाजी तिराहे के पास जहां सरिया सीमेंट और वेल्डिंग की दुकाने हैं, वहां पर जब बड़े वाहनों को सड़क पर खड़ा करके लोडिंग अनलोडिंग की जाती है, तो वहां सड़क से दूसरे वाहनों को गुजरने के लिए जगह बहुत कम हो जाती है और फिर यहीं से शुरू हो जाती है जाम की समस्या। ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर से बार-बार जाम का कारण बन रहे लोगों पर प्रशासन संज्ञान क्यों नहीं ले रहा?
सड़क व फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद
बीजपुर रोड में अधिकांश जगहों पर सड़क के किनारे फुटपाथ वाले हिस्से तक लोग अपने-अपने निर्माण करा चुके हैं या अन्य प्रकार से उस पर कब्जा कर लिये हैं, जो कि वैध नहीं है। इसके कारण सड़क पर वाहनों के चलने के लिए जगह कम हो जा रही है। साथ ही फुटपाथ पर कब्जा होने से पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं मिल पा रही है। चिंता की बात है ये समस्या कोई नहीं है और इस पर नगर निगम के द्वारा अब तक कोई एक्शन नहीं लेने के कारण सड़क व फुटपाथ पर कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं।