Singrauli News: बांस-बल्ली के सहारे जल रही है उपभोक्ताओं के घर बिजली, वार्ड-41 के बड़े रहवासी क्षेत्र में विद्युतीकरण की दरकार

Singrauli News: नगर पालिका निगम के सबसे बड़े वार्ड-41 का एक बड़ा परिक्षेत्र अभी भी ग्रामीण परिक्षेत्र जैसा है। आवागमन के लिए सड़क नहीं है तो यहां के रहवासी वर्षों से अस्थायी बिजली कनेक्शन लेकर बांस-बल्ली के सहारे अपने घरों में बिजली जला रहे हैं। वार्ड का चौरा टोला व आसपास का एरिया में इसका नजारा देखा जा सकता है। जब भी तेज हवा चलती है अथवा बारिश होती है, उसके बाद यहां पर फाल्ट की स्थितियां सबसे अधिक होती है, जहां पर विद्युतकर्मियों के लिए सुधारकार्य करना भी काफी कठिन होता है।

मौजूदा समय में तेजी से बन रहे मकानों का भी यही हाल है। बताया जाता है कि नई प्लाटिंग में बने मकानों में यह स्थितियां वर्षों से बनी हुई हैं और उनके मकानों तक पोल नहीं पहुंच पाए हैं। जिसकी वजह से पोल से निर्धारित दूरी से कई-कई गुना लंबाई तक केबल ले जाकर बिजली जलाई जा रही है। केबल को सहारा देने के लिए जगह-जगह बांस और बल्लियों का सहारा लिया गया है। यही बांस-बल्लियां आए दिन गिरती रहती हैं और फाल्ट का कारण बनती रहती है। एक के साथ कई-कई लोग फाल्ट का शिकार हो रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने विद्युत

लकड़ी के खंभों से होकर गुजरे बिजली के तार

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जानकारी के मुताबिक वार्ड-41 के चौरा टोला व आसपास जिन लोगों ने एक या दो एकड़ भूमि की आवासीय प्लाटिंग कर दी है। उस भूमि अथवा भूमि स्वामी के मकान तक बिजली के पोल पहले लगे हुए थे। प्लाटिंग के बाद बहुत से मकान बन गये, लेकिन भूमि विक्रय से करने वाले व्यक्ति ने नगर पालिक निगम में कॉलोनी की वैधानिक प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। इसी वजह से यहां पर बने हुए मकानों को स्थायी रूप से बिजली का कनेक्शन मिल पाया है और न ही वैध कॉलोनी का दर्जा ही मिला है।

विभाग को जानकारी दी है और पोल लगाने, विद्युतीकरण कराए जाने का आग्रह भी किया है, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई है। जब कोई नया व्यक्ति मकान बनवाता है उसे भी बिजली का कनेक्शन चाहिए, वह

नगर पालिका निगम भी नहीं करा पा रहा लाभान्वित

नगर पालिका निगम के अंतर्गत वैध कॉलोनियों का विद्युतीकरण, नाली निर्माण, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, वॉटर सप्लाई, कचरा संग्रहण आदि की व्यवस्थाएं नपानि प्रशासन के द्वारा करायी जाती है। लेकिन नपानि क्षेत्र के अंतर्गत ऐसी दर्जनों कॉलोनियां हैं, जिसमें वार्ड नंबर-41 का यह क्षेत्र भी आता है, जहां के रहवासियों को विद्युतीकरण का लाभनपानि भी नहीं दिला पा रहा है।

योजना के तहत यहां पर विद्युतीकरण तभी हो सकता है. जब यहां के रहवासी आधा खर्च स्वयं उठाएं अथवा नपानि पूरा खर्च उठाए। तभी स्थायी रूप से विद्युतीकरण किया जा सकता है। स्थितियां जानकारी मे हैं, लेकिन वहां के रहवासी जब तक सामूहिक रूप से आधा खर्च वहन नहीं करेंगे अथवा कॉलोनी वैध कराकर नपानि को सूचित नहीं करेंगे, विद्युतीकरण संभव नहीं है। इसके लिए कई बार राज्य सरकार या केन्द्र सरकार से बजट आता है, तब हो सकता है, जो फिलहाल चालू नहीं है। दिनकर दुबे, कार्यपालन अभियंता भी टेम्प्रेरी कनेक्शन लेकर मकान बनवा लेता है और वर्षों तक उसी हाल में बिजली का उपयोग करता रहता है। टेम्परेरी कनेक्शन की मियाद समाप्त होने पर उसका शहरी एक्सटेंशन करा लिया जाता है।

योजना का नहीं ले रहे लाभ

विद्युत विभाग में एक योजना के तहत ऐसे क्षेत्रों का विद्युतीकरण करने के लिए आधा खर्च उपभोक्ताओं और आधा खर्च विभाग को वहन करना होता है, लेकिन कोई भी रहवासी आधे-आधे खर्च वाली योजना का लाभ नहीं लेना चाहता है। जिसकी वजह से अब तक इनकी स्थिति बिना विद्युतीकरण की बनी हुई है और रोड नालियां भी नहीं बन पायी हैं, क्योंकि उसके लिए पर्याप्त स्थान छोड़ना आवश्यक होता है, जो उपलब्ध नहीं है।

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