Singrauli News : भोपाल से चलकर खजुराहो, रीवा होकर सिंगरौली आने वाली एयर टैक्सी सेवा पिछले करीब डेढ़ माह से बंद है। एयर टैक्सी सेवा अचानक बंद होने से जिले के लोगों को एमरजेंसी में भोपाल जाने-आने के लिए जो भी छोटी-मोटी सुविधा मिल रही थी, उसके बंद होने से न केवल यात्रियों के साथ छलावा किया गया बल्कि जिले का जुड़ाव भी राजधानी भोपाल से कट गया है। हैरानी इस बात की है कि डेढ़ माह से एयर टैक्सी सेवा बंद पड़ी है और जिले के किसी जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने यह तक जानने का प्रयास नहीं किया कि आखिर पीएम श्री योजना के तहत दो साल पहले शुरु हुई एयर टैक्सी सेवा क्यों बंद है? एयर टैक्सी सेवा बंद होने से यात्रियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
बड़े विमान उतारे के लिए सर्वेक्षण भी नहीं हो पाया
दो साल पहले सिंगरौलिया हवाई पट्टी से भोपाल के लिए एयर टैक्सी सेवा शुरु होने से उम्मीद बंधी थी कि जिलेवासियों को जल्द ही बड़े विमानों की सुविधा मिलेगी। सिंगरौलिया हवाई पट्टी पर बड़े विमानों की आवाजाही के लिए ओएलएस सर्वेक्षण कराये जाने की प्रक्रिया भी शुरु हुई थी, दिल्ली की टीम जांच करने के लिए सिंगरौली आई थी, लेकिन उसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप्प पड़ी है। सर्वेक्षण की प्रक्रिया के ठप्प होने के साथ-साथ अब एयर टैक्सी सेवा बंद होने से लग रहा है कि सिंगरौलिया हवाई पट्टी का विस्तार और जिले को बड़े शहरों से जोड़ने के लिए जो प्रयास शुरु हुए थे, वह सिर्फ दिखावा था।
रनवे पर उतर सकता है एटीआर विमान
सिंगरौलिया हवाई पट्टी का रनवे बड़े विमानों के टेकऑफ और लैंडिग के हिसाब से बनाया गया है। इसकी लंबाई दो हजार मीटर है और चौड़ाई भी पर्याप्त है। पूर्व में एयर टैक्सी शुरु करने के लिए जब रनवे का परीक्षण करने के लिए विमान उतारा था, तभी परीक्षण टीम ने बताया था कि रनवे पर एटीआर 72 सीटर विमान आसानी से उतार सकता है। सिंगरौलिया हवाई पट्टी पर निजी कंपनियों के कई बड़े विमानों की आवाजाही बीच-बीच में होती रहती है। यानी साफ है कि सिंगरौलिया हवाई पट्टी पर बड़े विमानों की सेवाएं शुरु की जा सकती हैं।
वाराणसी और रीवा जाते हैं यात्री
सिंगरौली जिला औद्योगिक जिला है, यहां पर सरकारी और निजी कंपनियों के कई पावर प्लांट और अन्य औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। वहीं एनसीएल का मुख्यालय भी यहीं पर है, जिससे प्रतिदिन भोपाल, दिल्ली, कोलकत्ता, मुम्बई, हैदराबाद, लखनऊ के लिए लोगों की आवाजाही होती है। जिले में विमान सेवा शुरु न होने से लोग विमान पकड़ने के लिए वाराणसी और रीवा जाते हैं। जानकारों की मानें तो प्रतिदिन सिंगरौली से बड़े महानगरों में बड़ी संख्या में लोग आते जाते हैं। विमान सेवा न होने से लोग टैक्सी व अन्य माध्यमों से वाराणसी जाते हैं।
यात्री न मिलने को बता रहे कारण
भोपाल से सिंगरौली के बीच शुरु हुई एयर टैक्सी का संचालन शुरु हुआ तो लोगों की उम्मीद बढ़ी कि सिंगरौली जिला भी आगे चलकर दिल्ली, मुम्बई, कोलकत्ता जैसे महानगरों से सीधे जुड़ेगा। शुरुआत में सप्ताह में तीन दिन संचालन शुरु हुआ था, लोगों की डिमांड पर इसे प्रतिदिन किया गया, लेकिन एयर टैक्सी प्रबंधन यह कहते हुए सेवा का संचालन बंद कर दिया कि भोपाल से सिंगरौली और सिंगरौली से भोपाल जाने के लिए यात्री नहीं मिलते हैं। सवाल यह उठ रहा है कि अगर यात्री न मिलते तो एयर टैक्सी सेवा का समय तीन से बढ़ाकर सप्ताह में सातों दिन नहीं किया जाता।
क्या चाहते हैं शहरवासी
भोपाल से सिंगरौली आने-जाने वाली एयर टैक्सी का सचालन क्यों बंद है पता नहीं, जरूरत पड़ने पर जल्द भोपाल पहुंचने के लिए एक अच्छी सुविधा थी, जिसे फिर से शुरु करने की जरुरत है। -आलोक शुक्ला, अमलोरी
कहां बड़े विमानों का संचालन किए जाने का ख्वाब दिखाया जा रहा था, लेकिन जिले के जिम्मेदार लोग शुरु की गई एयर टैक्सी का संचालन भी नहीं करवा पा रहे हैं। बंद एयर टैक्सी फिर से शुरु कराई जाए। विमल सिंह, पचखोरा
ट्रेन और हवाई सेवा छोड़िये, जिले में सड़क मार्ग तक ठीक-ठाक नहीं है। सीधी सिंगरौली रोड कब बनेगी, कुछ पता नहीं। एयर टैक्सी संचालन के लिए सरकार द्वारा कंपनी को अनुदान दिया जाता है, उसके बाद संचालन बंद होना समझ से परे है। -संदीप सिंह, बरगवां