Singrauli News : जिले की चितरंगी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहट में पट्टा वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी और सरपंच की कथित मिलीभगत से सरकारी भूमि का पट्टा ऐसे लोगों को भी दिया जा रहा है, जो इसके वास्तविक हकदार नहीं हैं। इस पूरे मामले ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बरहट में कुल 473 लोगों को पट्टा वितरित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। यह पट्टा रकवा क्रमांक 1407 और 1636 की भूमि पर दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है और पात्रता के नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हल्का पटवारी प्रभांशु और सरपंच की मिलीभगत से पैसे लेकर अपात्र व्यक्तियों को भी पट्टा दिया जा रहा है। जिन लोगों के पास पहले से पर्याप्त कृषि भूमि है, उन्हें भी मालिकाना हक का पट्टा प्रदान किया जा रहा है, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों का हक मारा जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कई मामलों में एक ही परिवार के पिता और पुत्र दोनों को अलग-अलग पट्टे दिए जा रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि पट्टा वितरण में नियमों की अनदेखी की जा रही है और व्यक्तिगत लाभ के लिए प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है। मामले का एक और चिंताजनक पहलू यह सामने आया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन हितग्राहियों को दो से पांच डिसमिल जमीन दी जा रही है, वे उस स्थान पर आवास निर्माण नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि कई लाभार्थी अन्य स्थानों पर मकान बना रहे हैं, जिससे योजना के उद्देश्य पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने इसे भी गंभीर अनियमितता बताते हुए इसकी जांच की मांग की है।
पटवारी की मिलीभगत से हुआ खेल
सूत्रों के मुताबिक पट्टा वितरण के नाम पर लोगों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि भ्रष्टाचार का भी बड़ा मामला हो सकता है। इस पूरे प्रकरण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पट्टा वितरण की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र लोगों को उनका अधिकार मिल सके और सरकारी योजनाओं का लाभ सही हाथों तक पहुंच सके।
7 वर्षों से एक ही हल्के में जमे पटवारी, निष्पक्षता पर उठे सवाल
जिले के चितरंगी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहट हल्का में पदस्थ पटवारी प्रभांशु पिछले लगभग सात वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनाती के चलते उनकी स्थानीय काश्तकारों से गहरी पैठ बन गई है, जिससे कार्यप्रणाली की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय तक एक ही जगह पर पदस्थ रहने से पटवारी और कुछ प्रभावशाली लोगों के बीच करीबी बढ़ गई है, जिसका असर राजस्व कार्यों पर भी देखने को मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता की कमी की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। किसानों का आरोप है कि सीमांकन, नामांतरण और पट्टा वितरण जैसे कार्यों में प्राथमिकता और पक्षपात की स्थिति बनती नजर आ रही है। हालांकि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई अब तक सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्षता बनाए रखने के लिए पटवारी का स्थानांतरण किया जाए, ताकि राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास कायम रह सके।
इनका कहना:-
ग्राम पंचायत बरहट में अगर पट्टा वितरण में गड़बड़ी है तो उसकी लिस्ट उपलब्ध कराई जाए और शिकायत की जाए तो इसकी सही जांच करायेंगे। – देवेंद्र द्विवेदी एसडीएम चितरंगी
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