Singrauli News : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की एक ग्राम पंचायत आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है। हालात ऐसे हैं कि यहां सड़क न होने की वजह से युवकों और युवतियों की शादियां तक टूट रही हैं। बाहरी गांवों से जब लोग रिश्ता देखने आते हैं और कीचड़, दलदल व दुर्गम रास्ता देखते हैं, तो साफ मना कर देते हैं। ग्रामीण कहते हैं—“रिश्तेदारी नहीं, अब तो शादी भी नहीं होती।” विकास के दावों के बीच यह तस्वीर बेहद चिंताजनक है।
कागजों में सड़क, जमीन पर सन्नाटा
करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिली थी। टेंडर भी हुआ, लेकिन आरोप है कि निर्धारित स्थान पर सड़क बनाने के बजाय उसी पंचायत के किसी अन्य हिस्से में निर्माण कर दिया गया। जिस मोहल्ले के लिए सड़क स्वीकृत हुई, वहां आज भी कच्चा और उबड़-खाबड़ रास्ता ही है। सवाल उठ रहा है कि आखिर स्वीकृत स्थल पर काम क्यों नहीं हुआ?
बरसात में बन जाता है ‘दर्द का रास्ता’
बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। गर्भवती महिलाओं को खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए, जिससे दुखद घटनाएं भी हुईं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से गांव का हर मौसम परीक्षा जैसा बन जाता है।
जंगल में सड़क और जब्त हुई मशीन
जानकारी के मुताबिक, जिस स्थान पर निर्माण किया गया वह वन भूमि का हिस्सा निकला। इस पर फॉरेस्ट विभाग ने ठेकेदार की जेसीबी मशीन भी जब्त कर ली थी। इसके बावजूद मूल स्थल पर निर्माण शुरू नहीं हुआ। ग्रामीण पूछ रहे हैं—अगर सेशन कहीं और था तो दूसरी जगह सड़क कैसे बन गई? क्या यह लापरवाही है या नियमों की अनदेखी?
शादी के रिश्तों पर असर
गांव के युवाओं की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि सड़क न होने के कारण उनकी शादियां तय नहीं हो पा रहीं। बाहर से आने वाले परिवार बुनियादी सुविधाओं की कमी देखकर पीछे हट जाते हैं। कई रिश्ते सिर्फ इसलिए टूट गए क्योंकि लोग कीचड़ भरे रास्ते से गुजरकर गांव तक पहुंचना नहीं चाहते। विकास की दौड़ में यह गांव आज भी पिछड़ेपन की कीमत चुका रहा है।
इनका कहना है
क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र मेश्राम ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी करवा दिया है और उनका दावा है कि सड़क बनने से पूरा इलाका स्वर्ग जैसा बन गया है।
IPS Transfer Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में बड़ा उलट फेर,14 आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला