Rajmata Chunkumari Stadium Waidhan: जिला मुख्यालय बैढ़न स्थित शहर का इकलौता राजमाता चूनकुमारी स्टेडियम बदहाली के कगार पर पहुंच गया है। आलम यह है कि स्टेडियम अव्यवस्थाओं का शिकार होते हुये अपनी ही दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
दरअसल जिला मुख्यालय में स्थित शहर का इकलौता स्टेडियम राजमाता चूनकुमारी स्टेडियम अपनी दुर्दशा को लेकर आंसू बहा रहा है। करीब एक दशक से इस स्टेडियम का कोई खोजखबर नही ले रहा है। जबकि स्टेडियम का रख-रखाव नगर पालिक निगम सिंगरौली की जिम्मे है। परंतु एक दशक के अधिक समय से नगर निगम स्टेडियम पर कोई खर्च नही कर रहा है। जिसके चलते स्टेडियम का मैदान गड्ढों में तब्दील हो गया है।
स्टेडियम के अंदर मैदान में इतने गड्ढे हो गये है कि उनकी गिनती करने के लिए काफी समय देना पड़ेगा। वहीं स्टेडियम में एक दशक पूर्व घास लगाई गई थी, अधिकांश घास गायब है, जिसके चलते आउट डोर खेल फुटबॉल, क्रिकेट खेल पाना खिलाड़ियों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है।
यहां बताते चले कि इस इकलौते स्टेडियम में सरकारी आयोजन गणतंत्र एवं स्वतंत्रता दिवस के अलावा अन्य कार्यक्रम यही आयोजित किये जाते हैं और टेंट लगाने के दौरान इतने गड्ढे कर दिये जाते हैं कि उसको बाद में ठीकठाक से भरते तक नही और यही गड्ढे खेल प्रेमियों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहे हैं। यहां के खेल प्रेमी बताते हैं कि खेल मैदान की न तो साफ-सफाई की जाती है और कई जगह नालियां खुली हुई हैं।
जिससे दौड़ लगाते वक्त नालियों में गिरने का डर बना रहता है। पूर्व में ऐसे कई हादसे भी हो चुके हैं। खिलाड़ियों ने इस समस्या के बारे में कई बार नगर निगम के अधिकारियों के साथ-साथ नेताओं का भी ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है, बल्कि खेल मैदान की स्थिति दिनों दिन दैयनीय होती जा रही है। यहां के खेल प्रेमियों ने विधायक के साथ-साथ कलेक्टर, मेयर, ननि अध्यक्ष एवं ननि आयुक्त का ध्यान आकृष्ट कराया है।
मैदान में गड्ढों व रेत की भरमार, खिलाड़ी परेशान
एक दशक पूर्व राजमाता चूनकुमारी स्टेडियम बैढ़न की जिले में चारों ओर तारीफ होती थी। मैदान में लगे हरी घास व उसकी चुस्ती-दूरूस्थ व्यवस्थाएं से अधिकांश खेल प्रेमी यहीं खेलने के लिए आतुर रहते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह खेल मैदान कुप्रबंधन के चलते अव्यवस्थाओं का शिकार हो रहा है। खिलाड़ी बताते हैं कि हरी घांसे गायब है और मैदान में रेत तथा गड्ढों का भरमार है। जिसके चलते आये दिन खिलाड़ी भाग-दौड़ करते समय दुर्घटना ग्रस्त होकर उनके हाथ-पाव फैक्चर हो जा रहे हैं। इस तरह की घटनाएं कई बार कई खिलाड़ियों के साथ हो चुकी है। परंतु नगर निगम मैदान की व्यवस्था सुधारने के लिए जहमत नही उठा रहा है। इसके पीछे कारण क्या है, इसे तो नगर निगम के अधिकारी ही बता पाएंगे। लेकिन खेल मैदान की दुर्दशा देखकर ननि अधिकारियों को कोसने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं।
इनका कहना:-
हम लोगों को खेलने में इतनी ज्यादा दिक्कत होती है कि धूल, रेत हर जगह है। घास कहीं नही है, लगभग 10 वर्ष से इसी तरह का मैदान बना हुआ है। इसे देखने वाला कोई भी नही है और हम लोगों को खेलते समय फिसलने से कई हाथ व पैर भी फैक्चर हो चुका है।
प्रेम मेहतर, खेल प्रेमी-बैढ़न
इनका कहना:-
खेलते समय कई तरह की दिक्कते आती हैं। धूल एवं बालू के कण ऑख, नाक व मुॅह में प्रदूषण बनकर घुसता रहता है और सिचाई होती है तो कहीं ज्यादा, कहीं कम पानी डाल दिया जाता है। कलेक्टर साहब से हम लोगों का आग्रह है कि ग्राउंड का जल्द सुधार कराया जाए ।
नेंशी पाण्डेय, खेल प्रेमी-बैढ़न
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