चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन में मेटल कबाड़ अत्यंत खतरनाक तरीके से लदा हुआ पाया गया, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रहा था। चेक-पॉइंट टीम ने वाहन का पीछा कर उसे रोका और जप्त कर सुरक्षार्थ आरटीओ कार्यालय ले जाने के निर्देश दिए। इस दौरान चालक और उसके साथ मौजूद व्यक्ति द्वारा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन टीम की समझाइश और कड़ी मशक्कत के बाद वाहन को आरटीओ कार्यालय लाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई।
इसी अभियान के दौरान पुलिस चौकी बंधौरा के आगे एक स्कूल वैन को रोका गया, जिसमें बैठने की सीमित व्यवस्था के बावजूद लगभग 25 स्कूली बच्चे ठूंसकर बैठाए गए थे, जबकि सुरक्षित रूप से केवल लगभग 8 बच्चों के बैठने की क्षमता थी। स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण पाए जाने पर परिवहन विभाग ने वाहन को तत्काल जप्त कर लिया।
कार्रवाई के बाद विभाग की टीम ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी बच्चों को शासकीय वाहन के माध्यम से सुरक्षित उनके-उनके गांव तक पहुंचाकर अभिभावकों को सुपुर्द किया। साथ ही अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक समझाइश और मार्गदर्शन भी दिया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि उक्त स्कूल वैन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रही थी। वाहन के पास फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, पीयूसी तथा पैनिक बटन जैसी अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सड़क सुरक्षा और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी और लापरवाही करने वालों पर कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इस कार्रवाई को क्षेत्र में कठोर प्रवर्तन और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण माना जा रहा है, जहां एक ओर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया गया।
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