Govt. HSS GIRLS WAIDHAN: शैक्षणिक सत्र-2026 की शुरुआत में ही अध्यापन कार्य के प्रति शिक्षक-शिक्षिकाओं में उदासीनता देखने को मिलने लगी है। सोमवार को शाउमा विद्यालयों में अलग-अलग पढ़ाई का माहौल देखने को मिला। दोपहर साढ़े 12 बजे शाउमावि वैढ़न उत्कृष्ट में सभी कक्षाएं संचालित मिलीं। बच्चों की उपस्थिति भी लगभग सामान्य रही। वहीं ठीक उसके बगल में स्थित शाउमावि कन्या वैढ़न में शिक्षक शिक्षिकाएं गुट बनाकर गप्पें मारते दिखे।
प्राइमरी से लेकर 10वीं व 12वीं की कक्षाएं खाली थीं। छात्राएं या तो इधर-उधर घूमते मिलीं अथवा कक्षा में वह भी एक साथ बैठकर बातें करती हुई मिलीं। प्राचार्य अपने कक्ष में बैठे मिले। 5 शिक्षक उनके साथ बैठकर दरबार कर रहे थे। वही सवाल करने पर प्राचार्य बोले कि अभी टीएल बैठक में भाग लेकर लौटा हूं। कलेक्टर के प्रश्न आजकल परेशान कर दे रहे हैं। अभी सत्र की शुरुआत है, इसलिए पढ़ाई सामान्य होने में थोड़ा समय लगता ही है। अभी सभी लोग कार्यालयीन कार्य निपटा रहे होंगे। अभी सभी कक्षाएं मैं संचालित करा रहा हूं।
बता दें कि 4 अप्रैल को कलेक्टर गौरव बैनल ने लगभग डेढ़ घंटे स्कूल में गुजारे थे। वह छात्राओं को पढ़ाई पर फोकस करने के लिए कहा था। वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी अध्यापन कार्य में मेहनत करने का निर्देश दिया था। हैरत करने वाली बात यह है कि ठीक तीसरे दिन सभी शिक्षक बैठे हुए मिले।
बच्चों का भविष्य कर रहे खराब
गौरतलब है कि शासकीय कन्या वैढ़न में 18 सौ छात्राएं पंजीकृत हैं, जबकि यहां पर 29 शिक्षक-शिक्षिकाएं पदस्थ हैं। पदस्थापना वाले सभी शिक्षक व शिक्षिकाएं नेताओं व प्रशासनिक अमले में अच्छी पकड़ रखते हैं, इसलिए उनके ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। वहीं प्राचार्य अशोक मिश्रा पहले से ही एसबी सिंह के निकट होने के कारण प्रभार लिये बैठे हैं। बाद में पाला बदलकर जेडी रीवा के करीबी हो गये हैं, इसलिए उनकी सेहत पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।
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