Singrauli Chitrangi News: सिंगरौली जिले के चितरंगी विकासखंड अंतर्गत संकुल केंद्र धरौली के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय फुलकेस गांव की स्थिति इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। करीब 15 वर्ष पूर्व निर्मित विद्यालय भवन अब पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण के महज दो वर्ष के भीतर ही भवन में दरारें पड़नी शुरू हो गई थीं, लेकिन समय रहते न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही किसी प्रकार की तकनीकी जांच कराई गई। आज स्थिति यह है कि भवन के भीतर बच्चों को बैठाकर पढ़ाई कराना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा माना जा रहा है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय भवन निर्माण के दौरान गुणवत्ता विहीन सामग्री का उपयोग किया गया था। निर्माण समिति, क्रियान्वयन एजेंसी तथा उस समय पदस्थ उपयंत्री और सहायक यंत्री पर कथित कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार हुआ, जिसके कारण भवन कुछ ही वर्षों में अपनी मजबूती खो बैठा।
यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो आज बच्चों को इस तरह जोखिम में पढ़ाई करने की नौबत नहीं आती।विद्यालय भवन के कई कमरों की दीवारों में चौड़ी और गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। फर्श कई जगह से टूटकर उखड़ चुका है, जिससे बच्चों के गिरकर घायल होने का खतरा हर समय बना रहता है। छत के कई हिस्सों में भी दरारें दिखाई दे रही हैं, जिससे बरसात और आंधी के समय खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शिक्षकों और अभिभावकों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है।
अभिभावको ने विद्यालय में बैठाने का किया विरोध
का कहना है कि वे अपने बच्चों को शिक्षा के लिए विद्यालय भेजते हैं, लेकिन यहां उनकी सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं है। कई अभिभावकों ने जर्जर भवन में बच्चों को बैठाने का विरोध किया है और तत्काल नए भवन की मांग उठाई है। उनका साफ कहना है कि जब तक नया भवन नहीं बनता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही फुलकेस गांव के बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को देखते हुए नए विद्यालय भवन की तत्काल स्वीकृति दी जाए।
डेढ़ दशक से खंडहर बना फुलकेश विद्यालय, नए भवन की मांग तेज
चितरंगी विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक वि फुलकेश का भवन पिछले डेढ़ दशक से खंडहर की स्थिति में पड़ा हुआ है, जिसके कारण यहां नियमित रूप से कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। शिक्षा विभाग के साथ-साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी इस गंभीर समस्या की पूरी जानकारी है, लेकिन अब तक न तो जर्जर भवन को गिराने के लिए कोई निर्देश जारी किए गए हैं और न ही नए विद्यालय भवन निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है। वर्तमान में कक्षा 6वीं से 8वीं तक की पढ़ाई महज एक-दो कमरों में किसी तरह संचालित की जा रही है, जबकि विद्यालय में 150 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं।
सीमित कमरों में सभी कक्षाओं का संचालन होने से पठन-पाठन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। छात्रों के अभिभावकों ने क्षेत्रीय विधायकए मंत्री तथा कलेक्टर का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए नए विद्यालय भवन की तत्काल स्वीकृति और निर्माण की मांग की है।
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