जानकारी के अनुसार, ‘PDS राशन दुकान कंचनी’ नाम से संचालित व्हाट्सएप ग्रुप, जो राशन कार्ड धारकों को सूचना देने के लिए बनाया गया है, उसमें हाल ही में कोटेदार द्वारा निजी ‘हर्ष चिकन हब’ (Harsh Chicken Hub) का विज्ञापन साझा किया गया। यह ग्रुप केवल एडमिन के नियंत्रण में है, जहां अन्य सदस्य कोई संदेश नहीं भेज सकते।

बताया जा रहा है कि ग्रुप में पहले मार्च और अप्रैल माह के राशन वितरण की सूचना दी गई, लेकिन उसके तुरंत बाद ‘हर्ष चिकन हब’ का पोस्टर साझा करते हुए “कस्टमर सर्विस चालू है” का संदेश लिखा गया। इस पोस्ट के वायरल होते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी सूचना समूह का उपयोग निजी व्यवसाय के प्रचार के लिए करना पूरी तरह अनुचित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन कार्ड धारकों को अनिवार्य रूप से इस ग्रुप से जोड़ा गया है ताकि उन्हें आवश्यक जानकारी मिल सके, लेकिन अब उन्हें असंबंधित और निजी विज्ञापन देखने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर इस तरह की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो सरकारी व्यवस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कोटेदार पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग न कर सके।
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