Singrauli Krishna Singh Parihar: जिला महिला कांग्रेस कमेटी में उस समय हलचल मच गई जब कृष्णा सिंह परिहार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 4 अप्रैल 2026 को अपना इस्तीफा सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, कृष्णा सिंह परिहार ने अपने त्यागपत्र में निजी कारणों और वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि अब उनके लिए इस पद पर बने रहना संभव नहीं है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि उन्होंने लगभग 20 वर्षों तक पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ पार्टी के लिए कार्य किया है।
अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी निष्ठा भी व्यक्त की और कहा कि उनका कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़ाव हमेशा बना रहेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले अनुभव को सीखने वाला बताते हुए पार्टी नेतृत्व और सभी महिला साथियों का आभार व्यक्त किया।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह इस्तीफा संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि कृष्णा सिंह परिहार जिले में महिला संगठन की मजबूत और सक्रिय नेता मानी जाती रही हैं। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियां संचालित की गईं।
इस्तीफे देने का कारण-
अंदरखाने की खबर यह भी है कि कृष्णा सिंह परिहार लम्बे समय से महिलाओ के बिच सक्रीय रहीं और कांग्रेस संगठन ने कई महिलाओ को जोड़ने का काम किया इसके विपरीत कांग्रेस संगठन ने उन्हें उचित दायित्व ना देकर सिर्फ सचिव का दायित्व दिया था जबकि उनके लम्बे समय के राजनितिक करियर को देखने के बाद कृष्णा सिंह परिहार महासचिव के पद के लिए अपेक्षित थीं लेकिन कांग्रेस संगठन ने उन्हें सचिव पद देकर पद छोटा कलर दिया जिससे कृष्णा सिंह परिहार नाराज होकर पद से इस्तीफा दे दिए।
हालाँकि महासचिव के लिए अभी कांग्रेस संगठन के नए समीकरण में जितनी संख्या जोड़नी थी वह कृष्णा सिंह परिहार नहीं जोड़ पाईं जिससे उन्हें महासचिव का पद नहीं दिया गया है। हालाँकि अभी कृष्णा सिंह परिहार को नई दायित्व सौंपी जाने की संभावना है।
इन सभी के वावजूद भी कृष्णा सिंह परिहार का इस्तीफा जिले के राजनितिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वही कांग्रेसी भी संगठन पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या नए अध्यक्ष पार्टी को सँभालने में विफल तो नहीं हो रहें हैं?