Singrauli News: रिहंद स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी विषम से विषम परिस्थितियों में भी चुनौतियों को स्वीकार करने की क्षमता रखते हैं। यही समर्पण और इच्छाशक्ति रिहंद की कार्य संस्कृति को विशेष बनाता है।
उक्त बातें एनटीपीसी रिहंद परियोजना के शिवालिक अतिथि गृह में आज दिन मंगलवार को परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये कहा। परियोजना प्रमुख ने सवालों का जवाब देते हुये कहा कि एनटीपीसी रिहंद प्रचालन प्रदर्शन में सभी एनटीपीसी थर्मल स्टेशनों, परियोजनाओं में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 28 फरवरी तक 19.74 बिलियन यूनिट उत्पादन किया है। साथ ही 82.7 प्रतिशत पीएलएफ के साथ चौथे स्थान पर है।
यह उपलब्धि परियोजना की असाधारण प्रचालन दक्षता और बिजली उत्पादन में उत्कृष्टता के लिए इसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अपनी प्रचालन उपलब्धियों के अलावा एनटीपीसी रिहंद ने अपने सीएसआर के अंतर्गत पिछले छ: वर्षों में जीईएम कार्यक्रम के माध्यम से 720 बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करके सामाज कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनमें से 50 बालिकाओं को टाउनशिप के डीएव्ही स्कूल में उन्हें नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से महाप्रबंधकगण, सहित अन्य मौजूद रहे।
परियोजना प्रमुख ने सीएसआर के उपलब्धियों को गिनाया
सीएसआर के अंतर्गत परियोजना के समीपवर्ती शैक्षणिक संस्थानों को वाराणसी जेल के बंदियों द्वारा निर्मित डेस्क बेंच वितरित किया, जिससे छात्रों के लिए बेहतर शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल के माध्यम से इन कैदियों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए।
NTPC रिहंद सीएसआर द्वारा उ.प्र. एवं म.प्र. के लगभग 23 गाँव में मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा रही है। साथ ही समीपवर्ती शैक्षणिक संस्थान में स्टेम लैब की स्थापना की गयी जिसमें कक्षा 6 से 8 के पाठ्यक्रम पर आधारित विज्ञान और गणित के कुल 80 कार्यशील मॉडल हैं।