Singrauli Waidhan News: लोगों को मिल रही कम वजन वाली LPG गैस टंकी, नाप-तौल अमला गायब, गैस एजेंसियों की जांच भी नहीं करते अधिकारी

Singrauli Waidhan News: एलपीजी गैस की कमी होने का कुछ लोग फायदा उठा रहे हैं। लोगों के घरों में जो घरेलू गैस टंकियां पहुंच रही हैं, उनमें वजन को लेकर हमेशा लोगों की शिकवा-शिकायतें रहती हैं। उपभोक्ताओं द्वारा कम गैस की शिकायतें भी की जाती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। वर्तमान समय में जब गैस की किल्लत चल रही है, ऐसे समय में भी जिले का नाप-तौल अमला सामने नहीं आ रहा है।
गैस एजेंसियों और दुकानों से जो गैस सिलेंडर लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं, उनमें कई में निर्धारित मात्रा से कम गैस होने पर वितरणकर्ता और उपभोक्ताओं के बीच अक्सर वाद-दिवाद की स्थितियां निर्मित होती हैं।

माप मशीनों की नहीं होती जांच

गैस एजेंसियों के गोदामों में गैस टंकी मापने के लिए मशीनें तो लगी हैं, लेकिन मशीनों का सत्यापन नियमित रूप से नहीं होता है। माप मशीनों के सत्यापन की जिम्मेदारी नाप-तौल विभाग की है, लेकिन नाप-तौल विभाग का अमला कहां गायब है, यह जानने की कोशिश जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं की। लोगों का कहना है कि माप मशीनों का सत्यापन नियमित रुप से होता तो आज गैस टंकियों में कम गैस नहीं मिलती। लोगों की मानें तो गैस गोदाम में टंकियों का वजन ठीक रहता है, लेकिन घरों तक पहुंचते-पहुंचते उसी गैस टंकी का वजन कम हो जाता है।

बंद रहता है कार्यालय, कहां दर्ज कराएं शिकायत?

गैस टंकी हो या कोई अन्य वस्तु, अगर उसमें निर्धारित मात्रा से कम वस्तु निकलती है तो लोग शिकायत लेकर नाप-तौल विभाग के कार्यालय जाते हैं, लेकिन अक्सर कार्यालय में ताला लटका हुआ ही मिलता है। कोई ऐसा टोल-फ्री नंबर भी लोगों को नहीं पता, जहां पर वे कम माप की शिकायत दर्ज करा सकें। हालांकि शासन द्वारा जिले में दो नाप-तौल निरीक्षकों की तैनाती की गई है, लेकिन वे कहां रहते हैं, किसी का पता नहीं चलता है।

बिचौलियों की चांदी

वर्तमान समय में एलपीजी की कमी से तमाम लोग परेशान हैं। गैस के लिए एजेंसियों में लोग लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं, लेकिन कुछ लोग इस आपदा में भी अवसर तलाश रहे हैं। गैस को लेकर बिचौलिये भी सक्रिय हो गए हैं। बिचौलिये गैस गोदाम से निर्धारित मात्रा की गैस टंकी लेते है, उसके बाद गुपचुप तरीके से टंकी से कुछ गैस दूसरी टंकी में निकाल लेते हैं। गैस टंकी से गैस निकालने वालों पर सख्ती की जरूरत है, ताकि लोगों को उचित मात्रा में भरी हुई गैस टंकी मिले।

क्या कहते हैं उपभोक्ता

सोमवार को गैस टंकी की डिलेवरी घर में की गई, घर में उपलब्ध वेट मशीन से गैस टंकी का वजन मापा तो टंकी में निर्धारित मात्रा से कम गैस थी। डिलेवरीकर्ता से पूछा गया तो उसने बताया कि गोदाम से माप कर टंकी लाया था। गैस टंकी में गैस कम कैसे हो गई, इसकी जांच होनी चाहिए।

 -उषा मिश्रा, निवासी गनियारी

गैस टंकी हो या अन्य सामग्री की खरीदी करना हो हर जगह पर माप को लेकर झंझट रहता है। दुकानों में जो मशीनें लगी है, उनका समय-समय पर सत्यापन होता है, पता नहीं, कोई उचित फोरम की जानकारी नहीं है, जहां शिकायतें की जा सके।

 -विजय पनिका, निवासी वैढ़न 

गैस टंकियों में अक्सर कम गैस मिलती है, नाप-तौल में गड़बड़ी की शिकायत कहां करें, यही पता नहीं है। नाप-तौल कार्यालय में शिकायत लेकर आते हैं तो वहां अक्सर ताला बंद मिलता है। कभी अगर कार्यालय खुला मिला तो भृत्य के अलावा कोई जिम्मेदार नहीं मिलता है।

 – पूनम शाह, विलीनी

ये भी पढ़े-

Singrauli Chitrangi News: 15 साल में खंडहर बना फुलकेस स्कूल भवन, जर्जर दीवारों के बीच पढ़ाई को मजबूर बच्चे

Singrauli News: एचपीवी टीकाकरण और उपार्जन तैयारियों पर प्रशासन सख्त, एसडीएम को दिए अहम निर्देश

Leave a Comment