Singrauli News: समाज में व्याप्त दहेज प्रताड़ना जैसी समस्याओं का समाधान केवल कानून से नहीं, बल्कि सोच में बदलाव से संभव है। यह बात रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने जन चौपाल कार्यक्रम के दौरान कही। यह आयोजन सीधी जिले के चुरहट क्षेत्र के ग्राम पचखोर में किया गया, जहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सामाजिक सुधार का संदेश दिया।
आईजी राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय समाज में महिलाएं सम्मान का केंद्र हैं। हम अपनी मां, बहन और बेटी को बेहद स्नेह और आदर देते हैं, लेकिन जब वही बेटी किसी के घर बहू बनकर जाती है, तो उसके प्रति व्यवहार बदल जाता है। यही विरोधाभास समाज के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि दहेज प्रताड़ना के मामलों की जड़ में कहीं न कहीं यही मानसिकता जिम्मेदार है। यदि समाज बहू को भी बेटी की तरह स्वीकार कर ले, तो ऐसे प्रकरण स्वतः समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में दिखना चाहिए।
जन चौपाल के माध्यम से आईजी राजपूत ने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि समाज की प्रगति के लिए जरूरी है कि हम अपनी सोच को सकारात्मक और समानता आधारित बनाएं। उन्होंने कहा कि जिस दिन समाज ने महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान देना पूरी तरह स्वीकार कर लिया, उसी दिन एक सशक्त और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव होगा।
कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान के लिए प्रशासन ने आवश्यक आश्वासन दिया। जन चौपाल के इस आयोजन ने न केवल प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।
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