Father’s Day पर शिवांगी गुप्ता की भावुक कविता, “पिता का स्नेह” को बताया भगवान का रूप

Father’s Day: आज 21 जून 2026 को पूरी दुनिया फादर्स डे मना रही है और इसी उपलक्ष्य में नवीन कवियित्री शिवांगी गुप्ता ने अपनी भावपूर्ण कविता “पिता का स्नेह” के माध्यम से पिता के त्याग, संघर्ष, प्रेम और समर्पण को बेहद मार्मिक शब्दों में अभिव्यक्त किया है। कविता में उन्होंने पिता को बच्चों के जीवन का सबसे बड़ा सहारा, भगवान का स्वरूप और हर खुशी का आधार बताया है। शिवांगी ने अपनी रचना के जरिए यह संदेश दिया है कि पिता अपने सपनों और इच्छाओं का त्याग कर अपने बच्चों का भविष्य संवारते हैं। Father’s Day पर लिखी गई यह कविता पाठकों को भावुक करने के साथ-साथ पिता के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता का संदेश भी देती है।

जीवन की हर खुशी मेरे पास है, मेरा हर एक दिन खास है।

क्योंकि मेरे पिता मेरे साथ हैं।।

पिता ही रोटी, कपड़ा, मकान है, पिता से ही पूरे हमारे अमान हैं।

उनसे हमारा ये जहान है, वो पिता के रूप में मिले एक भगवान हैं।।

पिता से अमीर कोई इंसान नहीं।

बेचकर खुद के अरमानों को, दुनिया की हर खुशी जो खरीदे वो पिता के पिता के सिवा कोई इंसान नहीं।।

ऐ खुदा ! ये दुआ है हमारी, कि हर पिता को मिले वो खुशियों सारी।

भले ही छोटी हो जाए उम्र हमारी, बचे उम्र मेरे पिता को मिले सारी ।।

-शिवांगी गुप्ता-

बैढ़न सिंगरौली (म. प्र. )

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