Singrauli News : जिला अस्पताल में इस समय मरीजों का मेला लग रहा है। नौतपा के साथ ही जून के पहले पखवाड़े की तीखी धूप व भीषण गर्मी ने मौसमी मरीजों की संख्या बेतहाशा बढ़ा दी है। फिलहाल 1 से 15 जून (दो रविवार को छोड़कर) के बीच 13 दिन चली जिला अस्पताल की ओपीडी एवं कैजुअल्टी में 11 हजार 407 गंभीर और मौसमी मरीज परामर्श लेने पहुंचे। इनमें से कई को तत्काल भर्ती करना पड़ा। वहीं इस अवधि में 1380 मरीज विभिन्न वार्डों में उपचार के लिए भर्ती कराए गए। इनमें सबसे ज्यादा 657 महिलाएं शामिल हैं। इसमें यदि 124 माइनर बच्चियों की संख्या को भी जोड़ दें तो 781 फीमेल मरीज विभित्र वाडों में भर्ती हुई। चिकित्सकों के अनुसार इस समय मौसमी बीमारियों से लोग ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं। मसलन, डायरिया, बुखार के साथ फंगल इन्फेक्शन और नेत्रों की विभिन्न समस्याओं से लोग पीड़ित होकर ओपीडी में आ रहे हैं। फिलहाल, सर्वाधिक 2831 मरीज मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आए तो 2635 गंभीर रूप से बीमार व घायल कैजुअल्टी में पहुंचे। यह सिर्फ जिला अस्पताल का आंकड़ा है, यदि इसमें खुटार, मोरवा, देवसर, सई और चितरंगी सीएचसी के साथ माड़ा, बरगवां व अन्य पीएचसी पर आने वाले मरीजों को जोड़ दें तो यह तादाद 20 हजार के आसपास पहुंच जाएगी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मौसमी बीमारियों का प्रसार तेजी से बढ़ रहा है।
जनरल सर्जरी और आर्थोपेडिक में भी मरीज बढ़े अभी तक जनरल सर्जरी और आर्थोपेडिक
ओपीडी में इतने मरीज नहीं आते थे जितने कि जून के पंद्रह दिनों में आए। इस अवधि में जनरल सर्जरी में 1004 एवं आर्थोपेडिक में 1024 मरीजों ने परामर्श प्राप्त किया। मरीजों की संख्या में वृद्धि का कारण मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी यानी ओपीडी में ज्यादा डॉक्टरों की मौजूदगी को माना जा रहा है। वहीं गायनकोलॉजी में 1552 महिलाएं परामर्श लेने पहुंचीं।
बीमार बच्चों संग आंखों के मरीज भी पहुंच रहे जिला अस्पताल की ओपीडी में जून के 13 दिनों में 837 बच्चे अभिभावकों के साथ डॉक्टरों को दिखाने पहुंचे। इसी तरह नेत्र संक्रमण के मरीज भी बढ़ रहे हैं। धूल, प्रदूषण और तीखी धूप को इसका कारण माना जा रहा है। इस दौरान आंखों के 558 मरीजों ने ओपीडी में चिकित्सक से बीमारी के संबंध में उपचार प्राप्त किया। इसी तरह टीबी के 16, मानसिक रोग के 257, ईएनटी के 212, दंत ओपीडी में 341 मरीजों ने परामर्श लिया। वहीं एसएनसीयू से जुड़े 83 नवजातों के साथ ही मैटरनिटी विंग में 25 गर्भवती महिलाएं और मेडिकल बोर्ड में 30 आवेदक आए।
फीमेल मेडिकल-मैटरनिटी वार्ड में सर्वाधिक मरीज
इन 13 दिनों में जिला अस्पताल में 1380 मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती कराए गए। इनमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं की रही। मैटरनिटी विंग में पांच माइनर सहित 282 महिलाएं भर्ती हुई तो फीमेल मेडिकल वार्ड में 22 माइनर सहित 211 बीमार महिलाओं को भर्ती कराया गया। चिल्ड्रेन वार्ड में 162, फीमेल सर्जिकल में 40, मेल मेडिकल में 154, मेल सर्जिकल में 69, आर्थो वार्ड में 39, एसएनसीयू में 80 नवजात बच्चे भर्ती किए गए तो इमरजेंसी वार्ड में 210 गंभीर मरीज एडमिट हुए। टीबी वार्ड में 6, आईसीयू में 22 गंभीर रोग आए तो इस अवधि में 102 मरीजों की डायलिसिस भी की गई। इनमें 71 पुरुष व 31 महिलाएं शामिल हैं।
क्या बोले चिकित्सक
इस समय मौसमी बीमारियों से लोग ज्यादा पीडित हो रहे है। महिलाएं स्किन डिजीज से ग्रसित हो रही हैं तो बच्चों में फोडे-फुंसी, खुजली, बुखार के साथ डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। बुजुर्ग मरीज सांस, गठिया, वर्ष से परेशान होकर ओपीडी में आ रहे हैं। – डॉ. गंगा वैश्य, सहायक प्राध्यापक मेडिसिन मेडिकल कॉलेज सिंगरौली
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