Singrauli News: सोमवार को हुई बारिश के बाद महदेड्या गांव के लोगों के घरों में गंदा पानी भर गया। तेजी से उफनाते हुए आई पानी की धार से कुएं में गंदा पानी भर गया। लोग अपने बचाव के लिए इधर-उधर भागे, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। लोगों ने वीडियो बनाए और फोटो खींचे, उसके बाद इस प्रकार से आए पानी से बचाव, गांव से एनएच-39 में निकलने के लिए मार्ग की मांग करते हुए रेलवे, एनएच और जिला प्रशासन से गुहार लगाते रहे। यह समस्या तीन दिन पहले हुई, लेकिन यह नई नहीं है।
इससे पहले फरवरी महीने से स्थानीय लोग उस दिन से गुहार लगाते घूम रहे हैं, जब स्थानीय कोयला व्यवसायी महाबीर कोल रिसोर्स (कोल वॉशरी) संचालक ने महदेइया रेलवे स्टेशन से बरगवां की ओर जाने वाली रेल लाइन के किनारे खुदाई कर दी थी। सदियों से परंपरागत रूप से बहने वाले बिजुल नाले को पाट दिया था। उसी बिजुल नाले का रुख मोड़ देने के कारण महदेइया गांव के लोगों के यहां गंदा पानी भर गया है।
पीड़ित बृजेंद्र प्रसाद बैस ने बताया कि मेरे ही नहीं, स्थानीय शिव प्रसाद वर्मा, रामप्रसाद बैस, वीरेन्द्र कुमार, श्रीकांत, संतोष कुमार सहित तकरीबन एक हजार लोगों के समक्ष पहुंच मार्ग तक निकास की समस्या है, तो दूसरी तरफ नाले के पानी ने हमारे घरों में आफत मचा दी।
आने वाली बारिश में हमें अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इससे पूर्व महदेइया ग्राम पंचायत की सरपंच सोनकली ने पमरे जबलपुर को पत्र लिखकर रेलवे पोल संख्या 1333/11-12 के बीच मैंड क्रॉसिंग बनाकर निकास देने की मांग की थी। रेलवे के पुल निर्माण संबंधित कार्य रोके जाने और स्थल निरीक्षण कर जनहित में निर्णय लिए जाने के लिए ग्राम पंचायत के लोगों का सामूहिक रूप से हस्ताक्षरित पत्र प्रेषित किया था।
कलेक्टर से भी लगाई गुहार
फरवरी के महीने से लेकर अब तक ग्रामीणों ने जनसुनवाई में भी कलेक्टर सिंगरौली को स्थिति की जानकारी देकर जनहित में मार्ग दिलाए जाने की मांग की थी। महदेइया गांव के निवासियों ने कहा था कि हमारे गांव से सड़क तक जाने से पहले रेलवे लाइन है, जहां से निकलने का रास्ता नहीं है और सड़क में पहुंचने के लिए कई किमी घूमना पड़ेगा।
जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं और बीमार या गर्भवती महिलाओं को लेने के लिए एम्बुलेंस आ सकती है, इसलिए उपलब्ध शासकीय भूमि का सीमांकन कराकर सार्वजनिक उपयोग के लिए मार्ग दिलाया जाए। इसी प्रकार की सूचना मोरवा थाना और गोरबी चौकी में भी 27 फरवरी को दी गई है.
अंडरब्रिज ही बना देते तो होती आवागमन में सहूलियत
मार्च महीने में एक बार फिर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से रेलवे लाइन के नीचे से अंडरब्रिज या अंडरपास बनाकर आम आवागमन सुगम कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की समाधान नहीं हुआ है। बारिश से पहले ही गांव के घरों में जलभराव के बाद स्थिति बिगड़ गयी है, साथ ही आपसी मदभेद बढ़ रहे हैं और ग्रामीणों के द्वारा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप किए जा रहे हैं।
जिनमें एक-दो लोगों को महाबीर कम्पनी को जमीन देकर पैसे लेने और शासकीय भूमि को अपना बताकर परेशान किए जाने की भी शिकायत की गई है। यदि जल्द ही ग्रामीणों की सुनवाई जिला प्रशासन के द्वारा नहीं की गई तो कई सौ लोगों का गांव निकास विहीन होकर रेलवे लाइन और महदेइया कोल साइडिंग के बीच फंस कर रह जायेगा।
महाबीर निकालेगा रेलवे लाइन
वास्तविकता यह है कि महदेड्या रेलवे स्टेशन से महावीर कोल रिसोर्स के द्वारा लगभग 2.5 किमी रेलवे लाइन स्वीकृति करा ली गई है। प्रोजेक्ट गतिशक्ति के तहत यह रेलवे लाइन पूमरे धनबाद के अंतर्गत स्वीकृत है। जिसे महाबीर कोल निजी तौर पर उपयोग करेगा, ऐन केन प्रकारेण रेलवे लाइन के प्रस्तावित एलॉइनमेंट को रेल भूमि अथवा शासकीय भूमि में दिखाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
उसी के लिए रेलवे लाइन के नीचे बने नाले की पुलिया और बिजुल नाले को मोड़ दिया गया है। वहां पर रेलवे लाइन डालने के लिए बेड बनाया जा रहा है और अब तक स्थानीय लोगों के द्वारा उपयोग की जा रही भूमि से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।