NCL Canteen : इंडियन सराय एक्ट-1867 और खाद्य सुरक्षा मानकर प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुसार होटल या रेस्टोरेंट को – ग्राहकों को पीने के लिए साफ पानी मुफ्त में उपलब्ध कराना अनिवार्य है। पेयजल के लिए नियम यह भी है कि यदि आप ब्रांडेड बोतल बंद पानी मांगते हैं तो रेस्टोरेंट उसके पैसे ले सकता है, लेकिन वह आपको बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
– नियम और भी बहुत से हैं, लेकिन यह सब एनसीएल के मुख्यालय में स्थित आईसीएच (इंडियन कॉफी हाउस) में लागू नहीं होते हैं। यहां पर आप पैसे देकर चाय-पानी पीना तो दूर अंदर प्रवेश भी नहीं कर सकते हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं, वे लोग बता रहे हैं जो अपने घर के मुआवजा संबंधित कार्य के लिए पुनर्वास सेल के कार्यालय जाते हैं, जो कि आईसीएच के ऊपर बनाया गया है।
उन्हें कई घंटे यहां रहना पड़ता सकता है और यदि संबंधित अधिकारी लंच में चले गये तो घंटे भर भी इंतजार करना पड़ सकता है। इस समय यदि आप चाहे तो पैसे देकर भी आईसीएच में चाय पानी नहीं पी सकते हैं, क्योंकि एनसीएल मुख्यालय के आईसीएच संचालक ने गेट पर ही नोटिस चिपका रखी है कि जिसमें लिखा है कि ओनली फॉर एनसीएल इम्प्लाइज।
विस्थापितों से ऐसा व्यवहार गलत
यहां आने वाले लोगों ने बताया कि आईसीएच में आम होटल या रेस्टोरेंट के नियम लागू नहीं होते हैं। यहां पर जब प्रवेश ही रोक दिया गया है, इसलिए पीने के पानी, टॉयलेट की सुविधा जो हर किसी को प्राप्त है, नहीं मिल सकती है। अपना सब कुछ छोड़कर कंपनी को देने वाले विस्थापितों के साथ मुख्यालय में अभी से ऐसा व्यवहार किया जाने लगा है।
जिस समय वे अपनी घर जमीन देकर चले जायेंगे तो उसके बाद मुख्यालय के मुख्य द्वार से भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा। संबंधित विभाग के अधिकारी ध्यान दें, गर्मी तेज हो रही है, लोगों को पानी पीने की अनिवार्य जरूरत हो सकती है। यदि आईसीएच प्रबंधन इसे रोकता है तो नियमानुसार इसे गलत माना जा रहा है।
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