Samadhan Yojna: समाधान योजना के तहत बकाया वसूली को लेकर मप्रपूक्षेविविकंलि के अधीक्षण अभियंता अजीत सिंह बघेल ने समीक्षा की। उन्होंने वसूली पर धीमी गति पर अधिकारियों का फटकार लगते हुए कहाकि प्रबंध संचालक हर दिन जिले की प्रगति रिपोर्ट जांच रहे हैं। उनके निर्देश हैं कि समाधान योजना के तहत लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाधान योजना को शासन की अति महत्वपूर्ण योजना बताते हुए अधीक्षण अभियंता अजीत सिंह बघेल ने समीक्षा बैठक की और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहाकि योजना में बकाया राशि जमा न करने वाले उपभोक्ताओं से कड़ाई से वसूली की जाए। उनसे लगातार संपर्क किया जाए और शासन द्वारा निर्धारित छूट के लाभ के बारे में बताया जाए।
चिन्हित उपभोक्ताओं को योजना के तहत पंजीकृत किया जाए। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि अप्रैल माह में समाधान योजना के तहत राशि जमा न करने पर अब तक 78 मोटरसाइकिल और 45 मोटर पंप जब्त किए जा चुके हैं। इसके साथ ही बकायेदारों के प्रतिदिन 125 से 130 विद्युत कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं।
शासन की अति महत्वाकांक्षी समाधान योजना के तहत सिंगरौली जिले में कुल 78 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। इसमें से अब तक मात्र 19 प्रतिशत यानी 13.86 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है, जो लक्ष्य से काफी कम है। इस पर चिंता जाहिर करते हुए वसूली कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
आदतन डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर कार्रवाई करें
एसई अजीत सिंह बघेल ने कर्मचारियों को समझाइश दी कि कई ऐसे उपभोक्ता होते हैं, जो आदतन डिफाल्टर होते हैं। उन्हें समाधान योजना का लाभउठाकर बकाया राशि शीघ्र जमा कराने के लिए प्रेरित करें। यदि वे समय पर भुगतान नहीं करते हैं तो उनके उपकरणों की जब्ती और कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई करें। वसूली अभियान को और तेज किया जाए, ताकि लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्त किया जा सके और जिले की विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
कार्य में प्रगति लाएं वर्ना कार्रवाई
अधीक्षण अभियंता ने कहाकि प्रबंध संचालक महोदय द्वारा लगातार समाधान योजना की समीक्षा की जा रही है। जिन जिलों में योजना की प्रगति अपेक्षित नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सिंगरौली जिले की प्रगति अपेक्षा के अनुकूल नहीं है, इसलिए लाइनमैन से लेकर सभी कर्मचारी नियमित रूप से फील्ड पर जाकर उपभोक्ताओं से बात करें।
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