Bank Of Maharashtra Robbery in Singrauli:
जिला मुख्यालय बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 17 अप्रैल को हुई दिनदहाड़े बड़ी डकैती के मामले में पुलिस अब तक ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। करीब 15 करोड़ रुपए कीमत के सोने और 20 से 25 लाख रुपए नकद की लूट ने पूरे जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के पांच दिन बाद भी पांच आरोपियों में से केवल एक ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि बाकी चार अब भी फरार हैं।
सूत्रों के अनुसार इस डकैती के तार नेपाल से जुड़े होने की चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि आरोपियों का संचालन नेपाल से किया जा रहा था और उनका एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन इस एंगल पर जांच जारी है।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10 अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार दबिश दे रही हैं। इसके बावजूद अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। केवल एक आरोपी से 61 ग्राम सोना और करीब 15 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं, जो कुल लूट का बेहद छोटा हिस्सा माना जा रहा है। इस पूरे मामले में सिंगरौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही और कमजोर निगरानी के चलते इतनी बड़ी वारदात संभव हो पाई। दिनदहाड़े बैंक में डकैती होना और उसके बाद भी आरोपियों का आसानी से फरार हो जाना, सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। पुलिस लगातार दावा कर रही है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन अब तक के नतीजे इन दावों को कमजोर साबित कर रहे हैं।
आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस कब तक खाली हाथ रहेगी। अब नजर इस बात पर टिकी है कि सिंगरौली पुलिस अपने दावों पर खरी उतरती है या फिर यह मामला भी सिर्फ कागजी कार्रवाई और बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा।
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