Dr. M.U. Siddiqui: शासकीय राजनारायण स्मृति महाविद्यालय बैढ़न के चर्चित प्राचार्य डॉ. एमयू सिद्दीकी को आज सोमवार को अपराह्न शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद जिला कटनी के लिए क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा रीवा संभाग डॉ. महेन्द्र मणि द्विवेदी ने एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया है। हालांकि चर्चा है कि प्राचार्य अचानक अवकाश पर चले गये हैं। अब कलेक्टर के पाले में गेंद है।
गौरतलब है कि शासकीय डिग्री कॉलेज बैढ़न के प्राचार्य डॉ. एमयू सिद्धिकी का तबादला बहोरीबंद कॉलेज के लिए हुआ था। जहां वे उच्च न्यायालय का शरण लिये हुये थे। उच्च न्यायालय के द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को तीन सप्ताह के भीतर प्राचार्य के अभ्यावेदन पर निर्णय लेने के लिए निर्देशित किया गया। परंतु सूत्र बताते हैं कि भोपाल में बैठे उच्च विभाग के आकाओं का संरक्षण मिला था, जिसके चलते तीन साल से अधिक समय तक बैढ़न में सेवाएं देते रहे अंतत: उच्च शिक्षा विभाग ने प्राचार्य का अभ्यावेदन खारिज कर बैढ़न से बहोरीबंद स्थानांतरण को बरकरार रखा।

हालांकि यह आदेश 30 अप्रैल को उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा जारी किया था। परंतु आरोप है कि प्राचार्य उक्त आदेश को दबाकर बैठे थे। अंतत: आज क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा रीवा संभाग ने प्राचार्य एमयू सिद्धिकी को कार्यमुक्त करते हुये महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक को कार्यभार सौपने के लिए निर्देशित किया है। इधर चर्चा है कि प्राचार्य अचानक अवकाश पर चले गये हैं।
अवकाश किस वजह से लिया है, यह जग जाहिर है। यदि सूत्रों की बात माने तो अपना स्थानांतरण स्थगित कराने के लिए एक अपने चहेते प्राध्यापक के साथ एक मंत्री के सहारे भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री एवं विभागीय दफ्तर में परिक्रमा कर रहे हैं। फिलहाल अब कलेक्टर के ऊपर निर्भर है कि प्राचार्य को बहोरीबंद महाविद्यालय जाने के लिए हरी झण्डी देते हैं कि नही, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
प्राचार्य पर कई गंभीर आरोप
सूत्रों की बात माने तो डिग्री कॉलेज के प्राचार्य पर महाविद्यालयीन समाग्रियों खेलकूद, फर्नीचर, प्रयोगशाला समेत अन्य सामग्रियों के क्रय में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी किये जाने के आरोप है। साथ ही शासकीय महाविद्यालय चितरंगी, सरई में छात्रवृत्ति में घोटला जगजाहिर है। लाखों रूपये की गड़बड़ी हुई। अपनी जवाबदेही न मानते हुये तत्कालीन प्राचार्यो पर आरोप मढ़ दिया।
जबकि डीडीईओ पावर प्राचार्य डॉ. एमयू सिद्धिकी के पास ही था। इसके अलावा प्राचार्य पर अन्य कई गंभीर आरोप हंै। बरगवां महाविद्यालय में पदस्थ क्रीडाधिकारी डॉ. विनोद राय ने कहा है कि प्राचार्य के कार्यकाल में जो सामग्री क्रय की गई हैं, उन सभी 9 महाविद्यालयों की उच्च स्तरीय जांच करा दी जाये, सच्चाई अपने आप समाने आ जाएगी।
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