World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में क्षेत्र में 1 जून से 5 जून तक विशेष स्वच्छता और जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से “गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने” की थीम पर विशेष जोर दिया गया। अभियान के दौरान इटार सेक्टर पीसीओ रामजी माझी, ब्लॉक समन्वयक उदयभान पाठक, स्थानीय सरपंच, सचिव और रोजगार सहायकों ने मुख्य रूप से उपस्थित रहकर ग्रामीणों को स्वच्छता की मुख्य दिशा-निर्देश दिए।
ब्लॉक समन्वयक उदयभान पाठक ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि रसोई का कचरा, फलों-सब्जियों के छिलके और बचा हुआ भोजन जैसे गलने योग्य गीले कचरे को हरे डस्टबिन में डालना चाहिए, ताकि इससे जैविक खाद बनाई जा सके और डंपिंग ग्राउंड में हानिकारक मीथेन गैस बनने से रोका जा सके। वहीं, प्लास्टिक, पॉलिथीन, कांच और गत्ते जैसे न गलने वाले सूखे कचरे को नीले डस्टबिन में रखने की सलाह दी गई, जिसे सुरक्षित तरीके से रिसाइक्लिंग प्लांट भेजा जाएगा ताकि नए उत्पाद बनाए जा सकें और प्रदूषण कम हो।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने इस थीम के महत्व को समझाते हुए कहा कि घर पर ही कचरा अलग करने से लैंडफिल में जाने वाला कचरा 50% तक कम हो जाता है। इससे सफाई कर्मचारियों को हाथ से कचरा नहीं छांटना पड़ता, जिससे वे संक्रामक बीमारियों से बचते हैं। इसके अलावा, गीले कचरे की खाद मिट्टी को उपजाऊ बनाती है और सूखे कचरे के पुनर्चक्रण से प्राकृतिक संसाधनों की बचत होती है। अभियान के समापन पर सभी जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने नागरिकों से इस आदत को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।
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