Singrauli News: पूरी गर्मी निकल गई, लेकिन पिपराकुरंद गुलरिहा टोला में नहीं लगा एक भी हैंडपंप

Singrauli News: पानी की समस्या से जूझ रहे कई गांवों के लोग गर्मी का सीजन शुरू होते ही जल संकट की समस्या को दूर कराने के लिए जनसुनवाई में आवेदन लेकर आते रहे, लेकिन उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ। ऐसा ही मामला वैढ़न जनपद के तहत आने वाले पिपराकुरंद गांव के गुलरिहा टोला का है, जहां के रहवासी मार्च माह से ही बस्ती में पानी की समस्या की शिकायत करने लगे थे, लेकिन पूरी गर्मी निकल गई और आज तक उनकी बस्ती में एक हैंडपंप नहीं लग पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जनसुनवाई के अलावा पीएचई विभाग के अधिकारियों से हैंडपंप खान की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी समस्या का निराकरण विभाग के द्वारा नहीं किया गया है।

पानी के लिए दूर जाते हैं बस्तीवासी

पिपराकुरंद गुलरिहा टोला में 15 से 20 घर की बस्ती है, जहां पर एक हैंडपंप खनन कराये जाने की मांग लंबे समय से बस्ती के लोग कर रहे हैं। बस्ती में पानी के लिए कोई दूसरा विकल्प न होने से लोगों को दूर जाकर पीने के लिए पानी लाना पड़ता है। स्थानीय निवासी सुबराती, राबिया खातून, राजा मुत्रा, शिवनाथ बैगा, मुकेश बैगा, नसीबुद्दीन, इजतुन निशा सहित अन्य लोगों ने फिर से जनसुनवाई में पहुंचकर पानी की समस्या के बारे में अधिकारियों को बताया और बस्ती में एक हैंडपंप खनन कराए जाने की मांग की है।

दो किलोमीटर दूर से लाते हैं पानी

दुधमनिया गांव के रहवासी गांव में हैंडपंप खनन कराने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। जनसुनवाई में शिकायत लेकर आए ग्रामीणों ने बताया कि गांव में हैंडपंप खनन कराने के लिए कई बार आवेदन दे चुके हैं, सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, उसके बाद भी पीएचई विभाग द्वारा पानी की समस्या को दूर नहीं किया गया।

ग्रामीणों को पानी लेने के लिए दो किलोमीटर दूर चलकर कृष्ण प्रणामी मंदिर में आना पड़ता है। स्थानीय निवासी रामकृपाल यादव, राममनोहर साहू, रामाधार यादव, छविलाल पनिका, लक्ष्मन यादव, शंभू दयाल सहित अन्य लोगों ने फिर से आवेदन देकर पानी की समस्या को दूर कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।

अनाप-शनाप भेजे जा रहे बिजली के बिल

माड़ा के पड़खुड़ी निवासी जयकरण कुशवाहा ने शिकायत की है कि उनके घर का बिजली का बिल 65 हजार रुपये भेज दिया गया है। आवेदक का कहना है कि बिजली विभाग द्वारा जान-बूझकर दो किलोवाट से अधिक का बिजली उपयोग दिखाया गया है, जिसके चलते उनके घर का बिल अनाप-शनाप तरीके से भेजा जा रहा है।

आवेदक का कहना है कि गांव में हर समय बिजली की समस्या बनी रहती है, जिसको दूर करने के लिए शिकायत की जाती है। उसके बाद भी विभाग के जिम्मेदार लोगों द्वारा शिकायतों का निराकरण नहीं किया जाता और भारी भरकम बिजली का बिल भेज दिया जाता है।

सैकड़ों की संख्या में पहुचें आवेदक 

प्रत्येक मंगलवार की तरह इस मंगलवार को भी सैकड़ो की संख्या में आवेदक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। गांव-देहात से आवेदकों को जिला मुख्यालय न आना पड़े, इसके लिए अनुभाग स्तर पर जन सुनवाई आयोजित की जा रही है, लेकिन आवेदक अनुभाग स्तर के अधिकारियों के पास न जाकर जिला मुख्यालय शिकायत लेकर आते हैं।

कलेक्टर गौरव बैनल, अपर कलेक्टर पीएस त्रिपाठी, नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान सहित अन्य अधिकारियों ने आवेदकों की शिकायतों को सुना और निराकृत करने के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों के पास भेजने के निर्देश दिए हैं।

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