Singrauli News: एनसीएल की निगाही परियोजना की खदान में रविवार को बजरंग ड्रैगलाइन में अचानक आग भड़क उठी। आग ड्रैगलाइन के भीतर पैनल में लगी थी और आग में जलती पैनल की सामग्रियों से जोरदार काला धुआं भी उठने लगा। इन हालात से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा जब हुआ तो यह ड्रैगलाइन वर्किंग में थी। गनीमत रही कि हादसे की चपेट में इसके ऑपरेटर या अन्य किसी के आने की सूचना नहीं है, वर्ना स्थिति गंभीर भी हो सकती थी।
वहीं, दूसरी ओर ड्रैगलाइन में आग लगने की सूचना जब परियोजना प्रबंधन को मिली, तो प्रबंधन तत्काल हरकत में आ गया। तत्काल मौके पर फायर ब्रिगेड व पानी छिड़काव का अमला आदि भेजा गया। लेकिन समस्या यह थी कि काफी विशालकाय पहाड़नुमा आकार वाली ड्रैगलाइन के भीतर पैनल में लगी आग पर काबू पाना सामान्य न था, इसलिए काफी मशक्कत बाद आग को बुझाया जा सका।
दूसरी ओर परियोजना प्रबंधन का कहना है कि पैनल में आग संभवतः शार्ट सर्किट से लगी होगी, जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा। साथ ही इसे जल्द से जल्द दुरुस्त कराने पर फोकस किया जा रहा है।
आगजनी का कारण क्या?
सूत्रों के अनुसार, बजरंग ड्रैगलाइन परियोजना की सबसे विशालकाय ड्रैगलाइनों में से एक है, इस पर खनन कार्य की काफी बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में इसके यूं अचानक आगजनी का शिकार हो जाने से खदान के कार्य की रफ्तार प्रभावित होगी, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा इस ड्रैगलाइन में अचानक आगजनी का घटना को लेकर ये चर्चा भी है कि रखरखाव में की जाने वाली लापरवाही के कारण ऐसा होने के प्रबल आसार हैं।
तो क्या बजरंग को काम पर लौटने लगेगा लंबा समय?
प्रबंधन के भी सूत्र बताते हैं कि चूंकि ड्रैगलाइन एचईएमएम मशीनरी है, तो आगजनी का शिकार हुये इसके पैनल में सुधार कार्य लोकल स्तर पर होना आसान नहीं रहता है। साथ आवश्यक सामग्रियां भी यहां लोकल में नहीं मिल पाती हैं। ऐसे में जाहिर है कि अभी बजरंग को फिर से वापस लौटने में सप्ताहभर से भी अधिक का लंबा समय लग सकता है। इसके अलावा परियोजना प्रबंधन का कहना है कि पैनल में आग संभवतः शार्ट सर्किट से लगी होगी, जो जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।
Singrauli News: बदहाल सड़क पर गड्ढे में फंसा यात्रियों से भरा ऑटो, बाल-बाल बचे सभी यात्री