Shrimad Bhagwat Katha: सिंगरौली जिले के वरिष्ठ पत्रकार अयोध्या प्रसाद तिवारी के निवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बनी हुई है, कथा के तीसरे दिन भक्तों की भारी उपस्थिति देखने को मिली, जहां श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस धार्मिक आयोजन में सुबह से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। कथा वाचक द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो गया।

तीसरे दिन श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
तीसरे दिन की कथा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं का विशेष वर्णन किया गया। कथा वाचक ने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है। इसमें मानव जीवन के हर पहलू को सरल और प्रेरणादायक तरीके से समझाया गया है।

इस दौरान कथा वाचक ने भक्ति, सेवा और सदाचार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी में उलझे हुए हैं, ऐसे में धार्मिक आयोजनों से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार भी शामिल हुए। सभी ने कथा का श्रवण कर धर्म और अध्यात्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और अन्य व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से की गई थीं, जिससे किसी को भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
आयोजन के दौरान श्री अयोध्या प्रसाद तिवारी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कथा आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने और लोगों को धर्म के मार्ग पर प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
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