NEET पेपर लीक में NTA पर बड़ा सवाल, FIR दर्ज न होने से बढ़ा विवाद

देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक ऊपर के फटने की तैयारी में हैं। सूत्रों से संकेत मिल रहे हैं कि तीन मई में देशभर में हुई NEET का पेपर लीक हुआ था। एसओजी ने जिन 15 लोगों को हिरासत में लिया है, उनसे पूछताछ के निष्कर्ष बताते हैं कि जांच पेपर लीक की तरफ ही बढ़ रही है। सबूत भी पर्याप्त हैं। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) सभी सबूत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA ) की एक्सपर्ट कमेटी को भेजने की तैयारी कर रही है।

एनटीए ही अंतिम घोषणा करेगी कि नीट पेपर लीक हुआ है या नहीं। हालांकि, एसओजी सूत्र बताते हैं कि 2-3 दिन में कोई बड़ा खुलासा करेगी। जांच एजेंसी ने सोमवार को 4 और लोगों को हिरासत में लिया। इनमें जयपुर से पकड़ा गया मास्टरमाइंड मनीष भी है। एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर केरल से होता हुआ किन-किन राज्यों से कहां-कहां बिका। इस दौरान कितना लेनदेन हुआ।

‘लीक क्वेश्चन बैंक’ का केंद्र सीकर रहा। सवालों के सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर, देहरादून तक जाने की पुष्टि हो चुकी है। सीकर के पीपराली रोड पर एसके कंसल्टेंसी चलाने वाला राकेश मंडावरिया मुख्य किरदार है। इसे अप्रैल में ही ‘क्वेश्चन बैंक’ मिल गया था।

केरल से एमबीबीएस कर रहे चूरू के युवक को भी प्रश्नों की पीडीएफ सीकर से ही भेजी गई। संदिग्धों की चैट और कॉल लॉग्स खंगालना बाकी है। एसओजी को पता चला है कि सवालों के प्रिंट भी छात्रों को बांटे गए।

आपको बता दें कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग के पास पहुंच गए थे। इनमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल थे। ‘लीक’ के तार सीधे तौर पर जयपुर से जुड़ रहे हैं। अब सोमवार को जयपुर से गिरफ्तार मनीष के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इसके कई और राज्यों में फैले होने की आशंका है। गैंग ने छपने से पहले ही लीक किए सवालों में दूसरे सवाल मिलाकर एक ‘क्वेश्चन बैंक’ तैयार किया। इस काम को मनीष ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।

एसओजी इनकी सबकी धरपकड़ करने में जुटी है। इस ‘क्वेश्चन बैंक’ को ही परीक्षा देने वाले छात्रों को बांटा गया। इसमें से बायोलॉजी के 90 में से 90 सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल हूबहू परीक्षा में आए। इसे लेने वाले कई छात्रों से एजेंसी ने पूछताछ की है। इसमें इन्होंने पैसे के लेनदेन की बात स्वीकार की है। एजेंसी इसकी पूरी मनी ट्रेल निकाल रही है।

जिम्मेदारी कौन लेः एनटीए FIR कराने को तैयार नहीं, एसओजी कर नहीं रही

एसओजी ने सोमवार को अब तक की जांच के बारे में एनटीए डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह को बताया तो उन्होंने एजेंसी को स्वयं केस दर्ज करने का मशविरा देकर पल्ला झाड़ लिया। सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। एफआईआर न होने से एसओजी के शीर्ष अधिकारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं, क्योंकि 15 से ज्यादा संदिग्ध अभी उसकी हिरासत में हैं। परिजन कह रहे हैं कि या तो गिरफ्तार करो या छोड़ो।

प्रिंटिंग के लिए एनटीए का सख्त प्रोटोकॉल, फिर सेंधमारी कैसे हुई?

एनटीए के टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार, हाई लेवल ऑडिट के बाद चुनिंदा प्रिंटिंग प्रेस को छपाई का काम देते हैं। कंपोजिंग से पैकेजिंग तक का पूरा काम एनटीए अधिकारियों की निगरानी में होता है। प्रेस में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं। एक साल तक बैकअप रहता है। हर गेट पर गार्ड होते हैं। बाहरी व्यक्ति की एंट्री बैन है। कर्मचारियों को मोबाइल या कैमरा लाने की अनुमति नहीं होती। पेपर डिजिटल एन्क्रिप्टेड फॉर्म में आते हैं और हर पन्ने पर यूनिक कोड होता है, ताकि गड़बड़ी पर तुरंत सोर्स पकड़ा जा सके। मिसप्रिंट कॉपियां एनटीए नष्ट करवाती है। छपने के बाद पेपर जीपीएस-लॉक ट्रंक में सील होते हैं।

विपक्ष हमलावर… राहुल गांधी ने कहा- यह देश के बच्चों के भविष्य की नीलामी

नीट 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी। परीक्षा नहीं, नीट अब नीलामी है। कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले वॉट्सएप पर बिक रहे थे। 22 लाख से ज्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आंखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में भविष्य बाजार में नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक हुए, 48 बार

दोबारा परीक्षा। -राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा

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