Singrauli News : गढ़वा थाना क्षेत्र के माचीकला गांव में पिछले दिनों सोन घड़ि़याल अभ्यारण के एक वनकर्मी द्वारा कथित रूप से राइफल से कई हवाई फायर किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जिम्मेदारी एसडीओपी चितरंगी राहुल कुमार सैयाम को सौंपी है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सोन घड़ि़याल अभ्यारण बिछी, बगदरा के रेंजर सहित अन्य वनकर्मी एसडीओपी से मिलने पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर उन्हें फटकार भी लगाई गई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घटना के बाद क्षेत्र में उप संचालक, रेंजर तथा संबंधित वनकर्मियों को हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
रेत कारोबारियों को सोनघड़ियाल अमले का संरक्षण!
बताया जाता है कि माचीकला गांव के एक व्यक्ति ने सोन नदी से रेत उत्खनन एवं परिवहन से जुड़ा एक स्टेटस सोशल मीडिया पर साझा किया था। इसके बाद वन अमला एक ट्रैक्टर मालिक के घर पहुंचा और ट्रैक्टर इंजन जप्त करने का प्रयास करने लगा। कार्रवाई का विरोध करते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थी, मौके पर एकत्र हो गए थे। इसी दौरान एक वनकर्मी द्वारा कई राउंड हवाई फायर किए जाने का आरोप है। घटना के समय नौडिहवा चौकी के पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोन नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जारी है तथा कुछ मामलों में वन अमले की भूमिका संदिग्ध रही है। चार माह पूर्व गढ़वा पुलिस द्वारा पकड़े गए एक रेत से लदे वाहन को बाद में विभागीय स्तर पर कथित रूप से क्लीन चिट दिए जाने की चर्चा भी फिर से तेज हो गई है।
इनका कहना:-
अभी जांच आदेश नही मिला है। लेकिन जानकारी मिल गई है। एसपी के द्वारा जांच मुझे सौपी गई है। किन परिस्थितियों में फायर करने की आवश्यकता पड़ी है, इन सब पहलुओं की जांच की जावेगी। – राहुल कुमार सैयाम एसडीओपी, चितरंगी