Singrauli News: मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी बिल्डिंग की लिफ्ट में डेढ़ घंटे फंसे रहे दो बच्चे, बिजली व्यवस्था बदहाल !

Singrauli News: शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अब अव्यवस्था का शिकार होने लगा है। पावर बैकअप न होने के कारण क्लास संचालन के साथ अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित होने लगी हैं। बुधवार की रात को उस समय विषम स्थिति पैदा हो गई जब रात करीब सवा नौ बजे बिजली गुल होने से एक एसोसिएट प्रोफेसर के दो बच्चे फैकल्टी बिल्डिंग की लिफ्ट में फंस गए। बताया जा रहा है कि बिजली कटने की स्थिति में पॉवर बैकअप की व्यवस्था नहीं है।

इस कारण बच्चों को लिफ्ट से निकालने में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लग गया। बताया जा रहा है कि बच्चों को तब निकाला जा चुका जब जैक लगाकर गेट को तोड़ा गया। इससे पहले भी एकेडमिक बिल्डिंग में भी यही स्थिति पैदा हो चुकी है। दरअसलए मेडिकल कॉलेज में बिजली की अलग व्यवस्था हो गई हैए लेकिन बैकअप के लिए जनरेटर व इन्वर्टर नहीं स्थापित किया गया है। इस कारण आए दिन स्टूडेंट व फैकल्टी को परेशान होना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज तक नौगढ़ से करीब दो-ढाई किमी लंबी सीसी रोड का निर्माण होना है।

कलेक्टर ने इसके लिए 11 करोड़ रुपये की राशि करीब दो-तीन माह पहले आवंटित कर दी थी। बताते हैं कि उसका निर्माण हाउसिंग बोर्ड व पीडब्ल्यूडी की निगरानी में होना है, लेकिन अभी तक उसके निर्माण की कोई पहल नहीं हुई है। छात्रों व चिकित्सकों के अनुसार सड़क न होने के कारण बारिश होने पर वे ऐसा महसूस करते हैं जैसे वे किसी टापू पर हों, जहां से निकलने का कोई मार्ग नहीं है।

बार-बार बिजली गुल होने से पढ़ाई प्रभावित शासकीय

मेडिकल कॉलेज में लगातार हो रही बिजली कटौती से शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जानकारी के अनुसार लेक्चर हॉल में बिजली जाते ही प्रोजेक्टर, कंप्यूटर माउस और स्पीकर पूरी तरह बंद हो जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है। दिन में प्रतिदिन चार से पांच बार बिजली कटौती हो रही है।

प्रत्येक बार करीब आधे घंटे से एक घंटे तक बिजली नहीं रहती, जिसके कारण कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता है और शिक्षकों को पढ़ाने में कठिनाइ‌यों का सामना करना पड़ता है। बुधवार रात भी रात 9.15 बजे से गुरुवार सुबह करीब 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।

इनका कहना है

बारिश के कारण बिजली कट गई थी, इस कारण लिफ्ट न चलने की समस्या हुई। जेनरेटर के लिए डीजल आदि का कोई बजट नहीं दिया गया है। सड़क का टेंडर हो गया है सात करोड़ से ज्यादा का है, इसलिए स्वीकृति के लिए शासन के पास प्रस्ताव लंबित है। मेस की अव्यवस्था के संबंध में किसी छात्र ने मेरे पास शिकायत नहीं की है।

डॉ. अनिल सिंह बघेल, सुपरिटेंडेंट मेडिकल कॉलेज सिंगरौली

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