Radisson Blu Hotel Varanasi में सीआईएसएफ पूर्वी क्षेत्र-II मुख्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय तापीय विद्युत क्षेत्र सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हो गया। सम्मेलन में देशभर के तापीय विद्युत प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से जुड़ी वर्तमान चुनौतियों, आधुनिक तकनीकों और भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सम्मेलन की अध्यक्षता Manish Singh ने की। दूसरे दिन के सत्र में J.P. Azad तथा Dilip Kumar विशेष रूप से उपस्थित रहे। सम्मेलन में देशभर की विभिन्न इकाइयों से लगभग 64 सीआईएसएफ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें वरिष्ठ कमांडेंट, कमांडेंट, उप कमांडेंट एवं सहायक कमांडेंट स्तर के अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा तापीय विद्युत क्षेत्र और संबंधित उद्योगों से करीब 25 प्रबंधन अधिकारियों ने भी भाग लिया।
सम्मेलन के पहले दिन सीआईएसएफ अधिकारियों, प्रबंधन प्रतिनिधियों और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां दी गईं। वहीं दूसरे दिन इंटेलिजेंस ब्यूरो, सीआईएसएफ और निजी सुरक्षा तकनीक विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, जोखिम प्रबंधन और तकनीकी समन्वय पर गहन चर्चा की गई।
सम्मेलन में तापीय विद्युत प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से जुड़े बाहरी और आंतरिक खतरों, अवैध जमावड़ों एवं आपात परिस्थितियों से निपटने की रणनीतियों, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन तकनीक तथा आधुनिक सुरक्षा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष विचार-विमर्श हुआ।
समापन अवसर पर “CISF Vision 2047” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें देश की महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप बल की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने युवा अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम, सतर्क और समन्वित सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के सभी सत्र संवादात्मक और ऊर्जावान रहे, जहां प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से अपने विचार साझा किए। यह आयोजन तापीय विद्युत क्षेत्र की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सीआईएसएफ की प्रतिबद्धता, तकनीकी उन्नयन और समन्वित प्रयासों का सफल उदाहरण बनकर सामने आया।
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