Singrauli News: शहरी क्षेत्र में गंदगी से पटी नालियों की नियमित रूप से साफ-सफाई कराने में नगर निगम की हीलाहवाली का नतीजा रविवार को प्री मानसून बारिश में ही दिख गया है।
रविवार को वैढ़न शहर क्षेत्र में शाम को कुछ देर के लिए जब बारिश हुई तो इस दौरान शहर के कई इलाकों में पहले से चोक नालियों में पानी तो नहीं बहा, मगर उसमें जमा गंदगी पानी के साथ सड़कों पर बहने लगी। शहर में स्थित नगर निगम के वार्ड क्रमांक 40 के तालाब रोड से ऐसी ही एक तस्वीर सामने आयी है, जो निगम की साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही है।
इस तस्वीर में साफ-साफ दिख रहा है कि सड़क पर काफी अधिक मात्रा गंदगी व कचरे फैली हुई है, जिससे बारिश के पानी को निकलने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। यह पानी लोगों के घरों में न घुसने पाये, इसके लिए लोग सड़क पर बिखरे कचरे को स्वयं ही जैसे-तैसे हटाकर पानी के निकासी की व्यवस्था करते रहे। इस दौरान लोग नगर निगम को भी कोसते रहे कि अगर समय से नालियों की साफ-सफाई करा देते तो यह समस्या नहीं होती।
पूरे शहर में ऐसी ही समस्या
तालाब रोड की ही भांति गनियारी के कई रहवासी इलाकों, जिलानी मोहल्ला, शांति मोहल्ला, सोनी कटरा, बलियरी रोड, थाना रोड के विभिन्न रहवासी इलाकों में भी रविवार शाम की बारिश के दौरान नालियों की गंदगी बहकर सड़कों पर आ गई। कुछ जगहों पर तो चोक नालियों से बारिश के पानी की निकासी कुछ देर के लिए बाधित रहने से जलजमाव जैसी समस्या उत्पन्न हो गई थी, हालांकि बारिश न तो अधिक मात्रा व न अधिक देर तक हुई तो समस्या बढ़ने नहीं पायी और लोगों ने स्वयं इसे हल कर लिया। लोग आशंकित हैं कि आने वाले समय में जब ज्यादा बारिश होगी, तब क्या होगा और कैसे इस समस्या से निपटा जायेगा।
तालाब रोड के रहवासियों का दर्द
तालाब रोड के रहवासी संतोष कुमार गुप्ता, रंजीत मजूमदार, महेन्द्र कुमार और बेला वर्मा का कहना है कि इस क्षेत्र में नालियों की साफ-सफाई कराने के लिए नगर निगम में अक्सर गुहार लगाते रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। निगम के सफाई अमले का ये रवैया कोई आज का नहीं बल्कि हमेशा से ऐसे ही बना रहा है और इसका खामियाजा इस पूरे मोहल्ले को भुगतना पड़ता है।
अभी तो थोड़ी सी बारिश से ये हालात बने हैं कि बारिश का पानी घरों में घुस गया है, तो आने वाले दिनों में जब बारिश अधिक होगी तो फिर क्या हालात होंगे? कुछ देर की बारिश से शहर क्षेत्र में नगर निगम की साफ-सफाई व्यवस्था की जो पोल खुली है, उससे नगर निगम की व्यवस्था तो सवालों के घेरे में आ रही है।