Singrauli News: मध्य प्रदेश के सभी जिलों में संचालित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में विद्यार्थियों को स्वरोजगार, स्टार्टअप और नवाचार से जोड़ने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित महाविद्यालयों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय निर्देशों के अनुसार इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्देश्य विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों को व्यवसायिक स्वरूप देना, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
इन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्यमिता विकास, व्यवसाय योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी मार्गदर्शन व उद्योग जगत से संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का मानना है कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल डिग्री प्रदान करने वाले केंद्रों तक सीमित न रखकर उन्हें नवाचार और कौशल विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसी उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्थापित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस को आधुनिक संसाधनों सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापना को लेकर पीएम कॉलेज से जानकारी मांगी गई है। इसमें स्टार्टअप डिटेल, उससे राजस्व, फाइल किए गए पेटेंट व सेक्शन-8 कंपनी की जानकारी देनी है। इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापना पर दो करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
उद्योगों, उद्यमियों, विशेषज्ञों व शासकीय योजनाओं से सेंटर का रहेगा समन्वय
इन्क्यूबेशन सेंटरों में स्थानीय उद्योगों, उद्यमियों, विशेषज्ञों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को अपने स्टार्टअप शुरू करने में मार्गदर्शन व सहयोग मिल सके। इसके साथ ही उन्हें निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों से जोडते की व्यवस्था भी की जाएगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन्क्यूबेशन सेंटरों की स्थापना से महाविद्यालयों में नवाचार की संस्कृति विकसित होगी और विद्यार्थी नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
राज्य सरकार का फोकस उच्च शिक्षा से लेकर स्टार्टअप ईकोसिस्टम तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में रोजगारोन्मुखी शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी और भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र विकसित करने की घोषणा कर चुके हैं। इन्क्यूबेशन सेंटर इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। प्रदेश में हाल के महीनों में इन्क्यूबेशन और इनोवेशन सेंटरों पर विशेष जोर दिया गया है। इंदौर में नए लॉन्चपैड इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन भी इसी दिशा में ज्य सरकार की पहल माना जा रहा है।
स्टूडेंट्स के स्टार्टअप आइडिया को तकनीकी-वित्तीय समर्थन
मध्य प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में एक-एक प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए हैं। सिंगरौली में अग्रणी महाविद्यालय को पीएम कॉलेज में अपग्रेड किया गया है। इन कॉलेजों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन्क्यूबेशन सेंटर होने से विद्यार्थियों के स्टार्टअप आइडिया को तकनीकी और वित्तीय मार्गदर्शन मिलेगा। कॉलेज परिसर में नवाचार और उद्यमिता का माहौल विकसित होगा। स्थानीय समस्याओं के समाधान आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा संग उद्योग, निवेशक और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ेगा। इसके अलावा स्वरोजगार और रोजगार सृजन के नए अवसर खुलेंगे।
Singrauli News: 24 घंटे के भीतर पति पत्नी दोनों ने लगा ली फांसी, दंपति की मौत से गांव में मातम