Singrauli News: देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक संस्थाओं एवं ट्रस्टों की आर्थिक व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवालों के बीच देवसर क्षेत्र में भी शिव मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। क्षेत्र के नागरिकों व श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े संस्थानों में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए मंदिर ट्रस्टों की आय, दान राशि, संपत्ति एवं खर्चों का विवरण पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक होना चाहिए।
फिलहाल इसी उद्देश्य से सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर तहसीलदार से जानकारी मांगी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब देश के बड़े धार्मिक ट्रस्टों की व्यवस्थाओं को लेकर समय समय पर चर्चाएं सामने आती रही हैं तो स्थानीय स्तर पर संचालित धार्मिक ट्रस्टों की कार्यप्रणाली व आर्थिक व्यवस्था स्पष्ट एवं पारदर्शी होनी चाहिए।
आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा करें प्रकाशित
श्रद्धालुओं ने मांग की है कि शिव मंदिर ट्रस्ट देवसर की स्थापना से वर्तमान समय तक प्राप्त दान, चढ़ावा, अन्य आय के स्रोत, मंदिर के विकास, रखरखाव, पूजा व्यवस्था एवं अन्य कार्यों में किए गए खर्च का लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।
लोगों का कहना है कि धार्मिक संस्थाओं में आने वाली राशि जनता और श्रद्धालुओं के सहयोग से आती है, इसलिए उसका उपयोग व विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। लोगों का कहना है कि शिव मंदिर ट्रस्ट देवसर क्षेत्र की धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्थान है। यदि ट्रस्ट की आय-व्यय व्यवस्था, सदस्यों की स्थिति एवं कार्यप्रणाली सार्वजनिक होती है तो श्रद्धालुओं का विश्वास और भी मजबूत होगा।
नए सदस्यों की हो नियुक्ति
बताया जा रहा कि शिव मंदिर ट्रस्ट में शामिल कुछ सदस्यों का निधन हो चुका है। ऐसे में मांग की जा रही है कि ट्रस्ट के नियमों के अनुसार उनके स्थान पर नए सदस्यों की नियुक्ति की जाए, ताकि ट्रस्ट की बैठकें, निर्णय प्रक्रिया व संचालन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। ट्रस्ट में वर्तमान सदस्यों की स्थिति, पदों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए, जिससे व्यवस्था को लेकर असमंजस की स्थिति न रहे।
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