Bank of Maharashtra Robbery: शहर के बीचोबीच बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डकैती की वारदात हुए 15 दिन हो गये, लेकिन पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। डकैती में शामिल चार आरोपियों की तलाश में 50 से अधिक पुलिस अधिकारी /कर्मचारी पिछले 15 दिनों से बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा है।
जांच टीम अब उड़ीसा और पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है, लेकिन फरार चारों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। गौरतलब है कि 17 अप्रैल को दोपहर में पांच आरोपियों ने बैंक में धावा बोला था और रिवाल्वर की नोक पर बैंक से 20 लाख रुपये नकद और करीब 15 करोड़ रुपये कीमत के गोल्ड आभूषण लूटकर ले गए थे।
वारदात के दूसरे दिन एक आरोपी कमलेश कुमार को आरपीएफ के सहयोग से बिहार से पकड़ा गया था। पकड़े गये आरोपी को मुख्य सरगना मानकर पुलिस ने 8 दिन के लिए रिमांड पर लिया था। 8 दिनों तक चली पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा पुलिस को कुछ खास जानकारी नहीं दी गई।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह बैंक डकैती कांड के सभी आरोपियों को ठीक से नहीं जानता, उसे फंटूस उर्फ ननकी निवासी नालंदा बिहार ने गैंग में शामिल किया था। यानी बैंक डकैती का मुख्य सरगना फंटूश है, जो अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। फंटूश के अलावा पंकज शर्मा, राजेश कुमार और छोटू की सरगर्मी से तलाश चल रही है।
उड़ीसा-बंगाल पहुंची पुलिस
फरार चार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम अभी तक बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में आरोपियों की तलाश कर रही थी, लेकिन अब पुलिस सर्चिग का दायरा बढ़ाकर उड़ीसा और पश्चिम बंगल तक पहुंच गई है। सूत्रों की मानें तो आरोपियों से जुड़ा कुछ सुराग पुलिस को पता चला है, उसी के बाद पुलिस की कुछ टीम उड़ीसा और पश्चिम बंगाल पहुंच गई है। माना जा रहा है कि एक दो दिन में फरार आरोपियों तक पुलिस की टीम पहुंच सकती है।
गोल्ड रिकवर करना बड़ी चुनौती
बैंक में डकैती डालने वाले आरोपी 20 लाख रुपये नकद के अलावा15 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का गोल्ड लेकर फरार हुए हैं। बैंक से जो गोल्ड चोरी गया वह बैंक का नहीं बल्कि आम लोगों के खून पसीने की कमाई है, जिसे बैंक में गिरवी रखकर लोगों द्वारा लोन लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ गोल्ड बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
पूर्व में जबलपुर के सिहोरा में भी इसी तरह की डकैती बैंक में हुई थी, वहां पर वारदात में शामिल कुछ आरोपियों को जबलपुर पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन लूट का पूरा सामान आज तक बरामद नहीं हो पाया है।
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