Singrauli News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हिंडालको महान परिसर में उत्साह, ऊर्जा और अनुशासन के साथ भव्य सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंडालको महान के अधिकारियों, कर्मचारियों (महानाइट्स), आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल (एबीपीएस) के विद्यार्थियों, एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर योग को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली का आधार बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में इकाई प्रमुख लिनु पंचमन, मानव संसाधन प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा, जनसंपर्क प्रमुख संजय सिंह, सी. टी. एस. प्रमुख राकेश यादव,देबाशीष मित्रा , पवन शुक्ला, धर्मेंद्र, एबीपीएस की प्रधानाचार्या प्रतिति दास सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।
योग प्रशिक्षिका प्रभा वैश्य ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि तनावमुक्त, संतुलित एवं स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है।
योग के प्रति जागरूकता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मानव संसाधन प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर इकाई प्रमुख लिनु पंचमन ने कहा कि “योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली विरासत है, जिसने आज पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा दिखाई है। नियमित योग व्यक्ति को शारीरिक रूप से सुदृढ़, मानसिक रूप से शांत तथा आत्मिक रूप से सशक्त बनाता है। हमें योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।”
मानव संसाधन प्रमुख डॉ. विवेकानंद मिश्रा ने कहा कि “स्वस्थ कर्मचारी और स्वस्थ विद्यार्थी ही किसी भी संगठन एवं समाज की वास्तविक शक्ति हैं। योग तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं अनुशासित जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए समर्पित करने से न केवल हमारा स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि कार्यक्षमता, एकाग्रता और सकारात्मक कार्य संस्कृति भी सुदृढ़ होती है।”
एबीपीएस की प्रधानाचार्या प्रतिति दास ने कहा कि “योग विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार है। नियमित योगाभ्यास से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच का विकास होता है, जो उन्हें जीवन की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करता है।”
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने का संकल्प लिया। उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक सहभागिता से परिपूर्ण यह आयोजन हिंडालको महान की स्वस्थ, जागरूक एवं समर्पित कार्य संस्कृति का प्रेरक उदाहरण बना तथा समाज को स्वास्थ्य, संतुलन और खुशहाली का सशक्त संदेश दिया।
Singrauli News: मंडल स्तर पर सम्पन्न हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग कार्यक्रम