सम्मेलन का उद्घाटन श्री मनीष सिंह, डीआईजी, ईजेड-II मुख्यालय द्वारा किया गया। इस अवसर पर CISF के वरिष्ठ अधिकारियों में श्री मनीष कुमार राय, वरिष्ठ कमांडेंट वीएसटीपीपी विंध्यनगर, श्री विजय कुमार, वरिष्ठ कमांडेंट एफएसटीपीपी फरक्का तथा श्री शशि रंजन, वरिष्ठ कमांडेंट आरटीपीएस रायचूर उपस्थित रहे।
सम्मेलन के पहले दिन कई महत्वपूर्ण और संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। NTPC लिमिटेड शक्तिनगर के जीएम (ओ एंड एम) श्री सी.एच. किशोर कुमार ने “NTPC विजन 2050” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं, आधुनिक तकनीक और सुरक्षा प्रबंधन के समन्वय पर जोर दिया।
वहीं NTPC विंध्यनगर के जीएम (ओ एंड एम) श्री ए.जे. राजकुमार ने “प्रबंधन की CISF से अपेक्षाएँ” विषय पर अपने विचार साझा करते हुए औद्योगिक सुरक्षा में CISF की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सम्मेलन के दौरान डिप्टी कमांडेंट सानुज कुमार ने विद्युत संयंत्रों में अनियमितताओं से जुड़ी एक केस स्टडी प्रस्तुत की, जिसे प्रतिभागियों ने काफी सराहा। इस प्रस्तुति में सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। NEST-IN, टाटा स्टील, INNEFU के अभुदय उपाध्याय तथा ब्लैकबॉक्स GPS टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि मानस और यश अरोड़ा ने तकनीकी सुरक्षा, निगरानी प्रणाली और आधुनिक उपकरणों पर अपने विचार रखे।
इसके अलावा कमांडेंट श्री भारती नंदन और श्री विभु सिंह प्रतिहार ने ताप विद्युत क्षेत्र में कोर एवं नॉन-कोर ड्यूटी क्षेत्रों की भूमिका और सुरक्षा प्रबंधन पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन का अगला सत्र 7 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें ताप विद्युत क्षेत्र में सुरक्षा, समन्वय और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।
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